कैथल। हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ छिड़ी जंग में कैथल के चीका निवासी समाजसेवी रविंद्र अरोड़ा उर्फ जंगी एक मिसाल बनकर उभरे हैं। उनकी पैनी नजर और निडरता का आलम यह है कि वे अब तक 22 भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के जाल में फंसाकर सलाखों के पीछे भिजवा चुके हैं। जंगी की इसी प्रतिबद्धता को देखते हुए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने उन्हें अंबाला में विशेष रूप से सम्मानित किया। एसपी पांखुरी कुमार ने उन्हें प्रशस्ति पत्र और नकद इनाम भेंट कर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
रिश्वतखोरों के खिलाफ 15 सर्जिकल स्ट्राइक
रविंद्र अरोड़ा, जिन्हें इलाके के लोग प्यार से ‘जंगी’ कहते हैं, पिछले कई वर्षों से सरकारी दफ्तरों में फैले भ्रष्टाचार के दीमक को साफ करने में जुटे हैं। उन्होंने अब तक कुल 15 ऐसे ऑपरेशन सफल करवाए हैं, जिनमें रिश्वत की मांग करने वाले बड़े अफसरों से लेकर छोटे मुलाजिमों तक को टीम ने रंगे हाथों काबू किया। जंगी का साफ कहना है कि गरीब और आम जनता के हक पर डाका डालने वाले सफेदपोशों को वे कभी चैन से नहीं बैठने देंगे।
जीरो टॉलरेंस नीति के बने असली सारथी
अंबाला में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान अधिकारियों ने माना कि रविंद्र जैसे नागरिकों की वजह से ही सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति धरातल पर सफल हो पा रही है। प्रशस्ति पत्र में इस बात का खास जिक्र किया गया कि जंगी ने कठिन परिस्थितियों और धमकियों की परवाह न करते हुए प्रशासन का साथ दिया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले किसी भी नागरिक को विभाग 24 घंटे सुरक्षा और सहयोग प्रदान करेगा।
समाज को नई दिशा: 2022 से लगातार जीत रहे सम्मान
यह पहला मौका नहीं है जब जंगी के काम को सरकारी पहचान मिली हो। वे वर्ष 2022 से लगातार हर साल अपनी विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित होते आ रहे हैं। कैथल और चीका क्षेत्र में वे भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का चेहरा बन चुके हैं। जंगी ने सम्मान मिलने के बाद कहा कि उनका असली पुरस्कार तब होगा जब किसी भी आम आदमी को सरकारी दफ्तर में काम करवाने के लिए अपनी जेब ढीली नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आएं और व्यवस्था को साफ करने में अपना योगदान दें।

