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Kaithal Civil Hospital: कैथल के सरकारी अस्पताल में हड्डियों का ऑपरेशन अब बिल्कुल फ्री, सी-आर्म मशीन लगने से मरीजों की चांदी

GGaganpreet Kaur
कैथल के सरकारी अस्पताल में हड्डियों का ऑपरेशन अब बिल्कुल फ्री, सी-आर्म मशीन लगने से मरीजों की चांदी
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कैथल। कैथल और आसपास के इलाके के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए स्वास्थ्य के मोर्चे पर एक बहुत ही राहत भरी खबर आई है। जिला नागरिक अस्पताल में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए आखिरकार ‘सी-आर्म’ (C-ARM) मशीन स्थापित कर दी गई है। अब तक इस सरकारी अस्पताल में बुनियादी ढांचा और विशेषज्ञ डॉक्टर होने के बावजूद आधुनिक उपकरणों की कमी के कारण हड्डियों के बड़े ऑपरेशन नहीं हो पाते थे। किसी दुर्घटना का शिकार हुए या गंभीर हड्डी रोग से पीड़ित मरीजों को विवश होकर निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। लेकिन अब इस मशीन के चालू हो जाने से मरीजों को घर के पास ही विश्वस्तरीय और पूरी तरह मुफ्त सर्जरी की सुविधा मिलने लगेगी।

रोजाना आते हैं हड्डी रोग के 30 मरीज, गंभीर मामलों में डॉक्टर भी थे बेबस

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कैथल के इस मुख्य सरकारी अस्पताल की ओपीडी पर नजर डालें, तो यहां रोजाना औसतन 25 से 30 मरीज सिर्फ हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी दिक्कतों को लेकर पहुंचते हैं। इनमें से जिन मरीजों का इलाज दवाओं, इंजेक्शन या सामान्य प्लास्टर के जरिए मुमकिन होता है, उन्हें तो डॉक्टर यहीं ठीक कर देते थे। मगर पेंच वहां फंसता था जहां मरीज की स्थिति गंभीर होती थी और बिना ऑपरेशन के काम नहीं चलता था। आंकड़ों के मुताबिक, हर महीने करीब 20 से 25 मरीज ऐसे आते थे जिन्हें मेजर ऑर्थोपेडिक सर्जरी की जरूरत होती थी। पर्याप्त उपकरण न होने से डॉक्टरों को मजबूरी में उन्हें रेफर करना पड़ता था और मरीज प्राइवेट क्लीनिकों में जाकर अपनी गाढ़ी कमाई लुटाने को मजबूर थे। अब यह मशीन इन सभी मरीजों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं होगी।

आधुनिक तकनीक से कम होगा दर्द, सिविल सर्जन बोलीं- स्टाफ पूरी तरह मुस्तैद

इस नई मशीन के आने का फायदा सिर्फ पैसों की बचत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह चिकित्सा के लिहाज से भी बेहद कारगर है। चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक, सी-आर्म मशीन की मदद से किए जाने वाले ऑपरेशनों में सर्जन को लाइव एक्स-रे इमेजिंग मिलती है, जिससे सटीकता बढ़ती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि मरीज के शरीर में चीड़-फाड़ कम करनी पड़ती है, जिससे ऑपरेशन के दौरान ब्लड लॉस नाममात्र का होता है। खून कम बहने के कारण मरीज का शरीर कमजोर नहीं पड़ता और उसकी रिकवरी बहुत तेजी से होती है, जिसके चलते उसे ऑपरेशन के अगले ही दिन या बहुत जल्द अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है।

इस बड़ी उपलब्धि पर जानकारी देते हुए कैथल की सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से अस्पताल में मशीन को पूरी तरह इंस्टॉल कर दिया गया है। डॉ. चावला ने क्षेत्र की जनता से अपील की है कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अस्पताल में ऑर्थो विशेषज्ञों (हड्डी रोग विशेषज्ञों) की अनुभवी टीम और सहयोगी पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई है, जो इस मशीन के जरिए मरीजों को बेहतर और सुलभ इलाज देने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

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