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Kaithal Property Fraud Case: 4 कनाल जमीन के लिए भतीजे ने पार की सारी हदें, फर्जी रिलीज डीड बनाकर किया बड़ा खेल

GGaganpreet Kaur
4 कनाल जमीन के लिए भतीजे ने पार की सारी हदें, फर्जी रिलीज डीड बनाकर किया बड़ा खेल
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कैथल। कैथल के चन्दाना रोड स्थित चौधरी पट्टी इलाके में रिश्तों को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। यहां एक सगे भतीजे ने अपने ही चाचा की करोड़ों की संपत्ति पर नीयत खराब करते हुए फर्जी दस्तावेजों के दम पर उसे हड़प लिया। धोखे का शिकार हुए बुजुर्ग चाचा रमेश कुमार को सालों तक इस बात का अहसास भी नहीं था कि जिस जमीन को वह अपनी समझ रहे हैं, वह कागजों में पहले ही किसी और की हो चुकी है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित अपनी जमीन के कुछ दस्तावेज जुटाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा था।

पटवारी के दफ्तर में उड़े होश

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रमेश कुमार ने कैथल शहर थाना पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि शहर के वीआईपी इलाके के पास उनकी 4 कनाल 18 मरले पुश्तैनी जमीन है। कुछ समय पहले जब वे अपनी जमीन के कागजात दुरुस्त करवाने और रिकॉर्ड चेक करने पटवारी के पास पहुंचे, तो वहां का रिकॉर्ड देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पटवारी ने उन्हें बताया कि यह जमीन तो वह साल 2015 में ही अपने भतीजे सुखबीर सिंह के नाम कर चुके हैं। रिकॉर्ड में इसे बकायदा एक रिलीज डीड (हक त्याग) के जरिए ट्रांसफर दिखाया गया था।

बिना दस्तखत और बिना बेचे बदल गया मालिकाना हक

पीड़ित रमेश कुमार का आरोप है कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में कभी भी इस जमीन का सौदा अपने भतीजे सुखबीर के साथ नहीं किया। उन्होंने पुलिस को बताया कि इस तथाकथित रिलीज डीड को तैयार करने के लिए न तो वह कभी तहसील दफ्तर गए और न ही उन्होंने किसी भी कानूनी कागज पर अपनी मर्जी से हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लगाया। आरोपी भतीजे ने तहसील कार्यालय के कुछ कर्मचारियों या बिचौलियों के साथ साठगांठ कर फर्जी गवाह खड़े किए और जाली दस्तखत के सहारे रजिस्ट्री अपने पक्ष में करवा ली।

पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी

धोखाधड़ी की परतें खुलने के बाद पीड़ित ने तुरंत कैथल शहर पुलिस का रुख किया और आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करवाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी सुखबीर सिंह के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। शहर थाना के जांच अधिकारी रमेश चंद्र ने बताया कि राजस्व विभाग के रिकॉर्ड को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। डीड पर किए गए हस्ताक्षरों की फॉरेंसिक जांच भी करवाई जाएगी, जिसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी तय की जाएगी।

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