Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Kaithal Cyber Crime Arrest: फेसबुक पर यूके की महिला बनकर की दोस्ती, बुजुर्ग से 8.75 लाख ठगने वाले 2 नाइजीरियाई समेत 5 गिरफ्तार

GGaganpreet Kaur
फेसबुक पर यूके की महिला बनकर की दोस्ती, बुजुर्ग से 8.75 लाख ठगने वाले 2 नाइजीरियाई समेत 5 गिरफ्तार
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

कैथल। साइबर अपराधियों ने अब बुजुर्गों को अपना साफ्ट टारगेट बनाना शुरू कर दिया है। कैथल के साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक ऐसे ही शातिर अंतर्राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो सोशल मीडिया पर ‘हनी ट्रैप’ और ‘इमोशनल कार्ड’ खेलकर लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ा रहा था। पुलिस की गिरफ्त में आए इस गिरोह ने कैथल की जनकपुरी कॉलोनी के एक वरिष्ठ नागरिक को अपना शिकार बनाते हुए करीब 8.75 लाख रुपये की चपत लगा दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गैंग के मास्टरमाइंड दो नाइजीरियाई नागरिकों सहित कुल पांच आरोपियों को दबोचने में कामयाबी हासिल की है।

दिल्ली के पाश इलाकों में छिपे थे ठग, नेपाल और दार्जिलिंग से जुड़े हैं तार

विज्ञापन

जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर (एसआई) रविंद्र कुमार के नेतृत्व वाली टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर इस गिरोह को नेस्तनाबूत किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बीर बहादुर गुरुंग उर्फ दीपक तमंग (मूल निवासी गोरखपुर, हाल उत्तम नगर दिल्ली), दीपा बिश्वाकर्मा (दक्षिण दिल्ली) और रेखा सुहाग (मूल निवासी दार्जिलिंग, हाल मालवीय नगर दिल्ली) के रूप में हुई है। वहीं, इस पूरे सिंडिकेट को पीछे से संचालित करने वाले दो नाइजीरियाई नागरिक नजूबे चूकवुड़ी और इटोहन मर्सी को भी दिल्ली से ही दबोचा गया है। यह गैंग फर्जी नामों पर बैंक खाते खुलवाकर ठगी की रकम को डाइवर्ट करता था।

मैसेंजर पर दोस्ती, फिर मुंबई एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी का फर्जी ड्रामा

ठगी की यह हैरान करने वाली कहानी साल 2025 के शुरुआती महीनों में शुरू हुई। पीड़ित बुजुर्ग के पास फरवरी 2025 में फेसबुक मैसेंजर पर ‘जॉनसन डेनियल’ नामक एक प्रोफाइल से मैसेज आया। खुद को ब्रिटेन के मैनचेस्टर शहर की डॉक्टर या अमीर महिला बताकर उसने बुजुर्ग से नजदीकियां बढ़ाईं और कुछ दिनों बाद भारत आने का वादा किया। इसके बाद 5 मार्च को पीड़ित के मोबाइल पर एक भारतीय नंबर से फोन आता है। फोन करने वाली महिला ने खुद को मुंबई एयरपोर्ट की कस्टम अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि आपकी विदेशी सहेली भारी मात्रा में ब्रिटिश पाउंड (विदेशी मुद्रा) लेकर भारत आई है, जिसे कस्टम विभाग ने एयरपोर्ट पर डिटेन (रोक) कर लिया है।

रोने का ढोंग कर वीडियो भेजे; मार्च से मई तक चलता रहा वसूली का खेल

बुजुर्ग अपनी विदेशी दोस्त की मदद के लिए व्याकुल हो उठा, जिसका फायदा अपराधियों ने उठाया। गिरोह ने बाकायदा रोते हुए और लाचारी दिखाते हुए कुछ वीडियो क्लिप बुजुर्ग को भेजे ताकि कोई शक न रहे। इसके बाद कभी कस्टम ड्यूटी, कभी क्लीयरेंस चार्ज तो कभी आरबीआई के नियमों का हवाला देकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करवाने का सिलसिला शुरू हुआ। मार्च से लेकर मई 2025 तक, तीन महीने के भीतर आरोपियों ने डरा-धमकाकर और इमोशनल ब्लैकमेल कर कुल 8.75 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब पैसे खत्म होने के बाद भी विदेशी महिला दिल्ली या कैथल नहीं पहुंची, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उसने साइबर थाने का दरवाजा खटखटाया।

पुलिस की अपील: सोशल मीडिया के अनजान दोस्तों पर न करें अंधविश्वास

कैथल साइबर थाना पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है ताकि इनके अन्य बैंक खातों और इनके द्वारा शिकार बनाए गए अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा सके। एसआई रविंद्र कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क के तार देश के कई अन्य राज्यों से भी जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस ने आम जनता और खासकर बुजुर्गों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान विदेशी या भारतीय नागरिक की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और न ही किसी के कहने पर अज्ञात खातों में पैसे ट्रांसफर करें।

विज्ञापन

कैथल की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।