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Kaithal Fake Facebook ID Fraud: कैथल में साइबर क्राइम: बर्खास्त हेड कांस्टेबल सुनील संधू की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर जानकारों से मांगे पैसे

GGaganpreet Kaur
कैथल में साइबर क्राइम: बर्खास्त हेड कांस्टेबल सुनील संधू की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर जानकारों से मांगे पैसे
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कैथल। साइबर अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे पुलिस महकमे से जुड़े रहे लोगों को भी ढाल बनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला कैथल का है, जहां पुलिस विभाग से बर्खास्त हेड कांस्टेबल सुनील संधू के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को चूना लगाने की कोशिश की गई। किसी अज्ञात जालसाज ने सुनील संधू की तस्वीर चुराकर फेसबुक पर एक हूबहू फर्जी प्रोफाइल तैयार कर ली। इसके बाद शुरू हुआ पीड़ित के करीबियों को ठगने का सिलसिला, जिसके बाद अब यह मामला पुलिस के पास पहुंच चुका है।

डेढ़ महीने तक चलता रहा खेल, दोस्तों के जरिए हुआ भंडाफोड़

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सिविल लाइन थाने में दी गई शिकायत के अनुसार, यह पूरा फर्जीवाड़ा इसी साल 1 मार्च से लेकर 16 अप्रैल के बीच अंजाम दिया गया। इस दौरान शातिर ठग ने सुनील संधू की असली फ्रेंड लिस्ट को खंगाला और फिर उनके दोस्तों व रिश्तेदारों को फेसबुक मैसेंजर के जरिए एक-एक कर जाल में फंसाना शुरू किया। मैसेज में खुद को बड़ी मुसीबत में बताते हुए तुरंत पैसों की मदद मांगी जा रही थी। सुनील संधू ने बताया कि उन्हें इस बात का रत्ती भर भी अंदाजा नहीं था, लेकिन जब अचानक उनके दोस्तों और परिचितों के फोन कॉल्स आने लगे कि “भाई, तुम्हें कितने रुपयों की जरूरत है?”, तब जाकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

बदनामी और ठगी की दोहरी साजिश

पीड़ित पूर्व पुलिसकर्मी ने साफ किया कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति से या किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कभी कोई पैसा नहीं मांगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अज्ञात आरोपी उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर न सिर्फ लोगों की जेब पर डाका डाल रहा है, बल्कि समाज में उन्हें बदनाम करने की भी गहरी साजिश रच रहा है। डिजिटल दौर में इस तरह की फर्जी प्रोफाइल बनाकर पैसे ऐंठने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन एक पूर्व पुलिस अधिकारी के नाम पर ऐसी जुर्रत ने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौकन्ना कर दिया है।

साइबर सेल की रडार पर आरोपी, जांच में जुटी पुलिस

मामले की तफ्तीश कर रहे सिविल लाइन थाना के जांच अधिकारी (IO) संदीप कुमार ने बताया कि पीड़ित की शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत अज्ञात साइबर अपराधी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी के मुताबिक, जिस फेसबुक अकाउंट से मैसेज भेजे जा रहे थे, उसके आईपी एड्रेस (IP Address) और यूआरएल को ट्रैक करने के लिए केस को साइबर सेल के सुपुर्द किया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

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