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Kaithal Grievance Meeting: कैथल कष्ट निवारण समिति: 25 मई को कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की पहली बैठक, आरकेएसडी कॉलेज में लगेगा 'जनता दरबार'

GGaganpreet Kaur
कैथल कष्ट निवारण समिति: 25 मई को कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की पहली बैठक, आरकेएसडी कॉलेज में लगेगा 'जनता दरबार'
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कैथल। कैथल जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। आगामी 25 मई को होने वाली इस बैठक को लेकर इस बार का उत्साह और दबाव दोनों अलग हैं। वजह है इसके नए मुखिया। इस बार जिले की जनता के दुखों और शिकायतों का पुलिंदा किसी और के सामने नहीं, बल्कि प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा के समक्ष खुलेगा। आरकेएसडी कॉलेज के ऑडिटोरियम में दोपहर ठीक दो बजे शुरू होने वाली इस बैठक को लेकर अधिकारियों ने फाइलों की धूल झाड़नी शुरू कर दी है, क्योंकि नए मंत्री के तेवरों से अभी हर कोई वाकिफ नहीं है।

पहली बार बदल रहा है चेहरा: अनिल विज के ‘हंटर’ से मिली है राहत?

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कैथल में कष्ट निवारण समिति की बैठक का जिक्र आते ही अमूमन लोगों के जेहन में पूर्व गृह मंत्री और वर्तमान ऊर्जा मंत्री अनिल विज की कड़क छवि उभर आती है। विज की बैठकों का अपना एक अलग मिजाज रहा है—लापरवाह अधिकारियों को सरेआम सस्पेंड करना, मंच से ही जांच बैठना और पुलिसिया तेवर दिखाना उनकी बैठकों की पहचान रही है। उनके हटने के बाद अब पहली बार कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा कैथल में जनता की अदालत लगाएंगे। अधिकारी राहत की सांस जरूर ले रहे हैं, लेकिन उन्हें यह भी बखूबी पता है कि सरकार का कोई भी मंत्री जनसमस्याओं को लेकर ढुलमुल रवैया बर्दाश्त नहीं करेगा।

नए-पुराने मामलों की होगी स्क्रूटनी, लापरवाही पर होगी बात

इस बैठक के एजेंडे में दर्जनों पुराने लंबित मामलों के अलावा कई नए परिवाद (शिकायतें) शामिल किए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से जमीनी विवाद, जनस्वास्थ्य विभाग की खामियां, बिजली-पानी की किल्लत और पुलिसिया जांच से असंतुष्ट लोगों की अर्जियां शामिल हैं। कृषि मंत्री का पहला दौरा होने के कारण उम्मीद की जा रही है कि वे जनता को यह संदेश देने की कोशिश करेंगे कि सरकार आम लोगों की सुनवाई के लिए पूरी तरह गंभीर है। बैठक में मामलों का ऑन-द-स्पॉट (मौके पर ही) निपटारा करने की नीति अपनाई जाएगी।

डीसी अपराजिता का कड़ा संदेश: आधी-अधूरी तैयारी के साथ न आएं अफसर

बैठक की गरिमा और संवेदनशीलता को देखते हुए कैथल की उपायुक्त (DC) अपराजिता ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को कड़े लहजे में निर्देश जारी किए हैं। डीसी ने स्पष्ट किया है कि बैठक में किसी भी विभाग के मुखिया की अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा। सभी अधिकारी अपने विभागों से जुड़े मामलों की अद्यतन रिपोर्ट (अपडेटेड स्टेटस) और पूरी तैयारी के साथ निर्धारित समय पर आरकेएसडी कॉलेज पहुंचें, ताकि मंत्री महोदय के सामने किसी भी सवाल पर बगलें झांकने की नौबत न आए।

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