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Kaithal Snake Bite Death: बेड पर सो रहे 12वीं के छात्र को सांप ने डंसा, अस्पताल जाने से पहले तोड़ा दम

GGaganpreet Kaur
बेड पर सो रहे 12वीं के छात्र को सांप ने डंसा, अस्पताल जाने से पहले तोड़ा दम
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कैथल। कैथल के ग्रामीण अंचलों में एक बार फिर जहरीले जीवों का कहर देखने को मिला है। जिले के गांव ग्योंग में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात एक हंसते-खेलते मजदूर परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। रोज की तरह रात का खाना खाकर अपने बिस्तर पर गहरी नींद में सो रहे 17 साल के एक होनहार छात्र को जहरीले सांप ने डंस लिया। जब तक बेबस माता-पिता को माजरा समझ आता और वे अपने लाडले को लेकर अस्पताल की तरफ भागते, तब तक जहर ने अपना काम कर दिया था और छात्र की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव की आंखें नम हैं।

रात को गहरी नींद में था प्रिंस, उंगली पर रेंगते हुए काल ने काटा

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मृतक के पिता शीशपाल ने रुंधे गले और नम आंखों से बताया कि उनका 17 वर्षीय बेटा प्रिंस बेहद होनहार था और गांव के ही पास स्थित एक निजी स्कूल में 12वीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा था। शनिवार रात को पूरा परिवार रोजाना की तरह खाना खाकर अपने-अपने कमरों में सोने चला गया था। प्रिंस भी अपने कमरे में रखे बेड पर गहरी नींद में सोया हुआ था। तड़के के वक्त अचानक एक जहरीला सांप कमरे में दाखिल हुआ और बेड पर चढ़कर प्रिंस के हाथ की उंगली पर डंस लिया। सांप के काटते ही प्रिंस दर्द के मारे चीख उठा और उसने तुरंत आंखें खोलकर पास सो रहे परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसी बीच शातिर सांप कमरे की दीवार के पास बने एक छोटे से बिल में जाकर छिप गया।

अस्पताल की दहलीज भी नसीब नहीं हुई, रास्ते में ही टूट गई सांसों की डोर

बेटे के हाथ पर सांप के काटने के निशान और उसकी बिगड़ती हालत देख पिता शीशपाल और मां बदहवास हो गए। उन्होंने बिना एक पल गंवाए पड़ोसियों को जगाया और प्रिंस को शहर के नागरिक अस्पताल ले जाने के लिए गाड़ी का बंदोबस्त करने लगे। लेकिन ग्योंग गांव से अस्पताल की दूरी और शरीर में तेजी से फैलते जहर के आगे वक्त कम पड़ गया। प्रिंस की हालत चंद मिनटों में ही इतनी गंभीर हो गई कि उसने घर की चौखट लांघने से पहले ही दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के पास पहुंचने से पहले ही बेटे की नब्ज थम जाने से माता-पिता पर मानो बिजली गिर पड़ी।

दो घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा गया सांप, ग्रामीणों में भारी दहशत

प्रिंस की मौत के बाद जहां घर में चीख-पुकार मच गई, वहीं ग्रामीणों में इस बात को लेकर गुस्सा और डर था कि जहरीला सांप अभी भी घर के भीतर ही मौजूद है। किसी और को नुकसान न पहुंचे, इसलिए ग्रामीणों ने तुरंत इलाके के एक जाने-माने स्नेकमैन (सपेरे) को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे स्नेकमैन ने कमरे के कोने-कोने को खंगाला। आखिरकार, करीब दो घंटे की भारी मशक्कत और खोजबीन के बाद सांप को बिल से बाहर निकालकर सुरक्षित काबू किया गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि शीशपाल बेहद गरीब व्यक्ति है और खेतों में मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालता है। प्रिंस के चले जाने के बाद अब परिवार में माता-पिता के अलावा सिर्फ उसकी एक बहन बची है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित गरीब परिवार को उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए, ताकि इस मुश्किल घड़ी में उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके।

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