Kaithal Illegal Firecracker Factory: त्योहारी सीजन से ठीक पहले कैथल जिले के पूंडरी क्षेत्र स्थित फतेहपुर गांव में एक बड़े हादसे की साजिश वक्त रहते टल गई। सीआईए (CIA) कलायत पुलिस की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए रिहायशी इलाके में चल रही अवैध पटाखा निर्माण इकाई पर छापा मारा। पुलिस ने मौके से छह आरोपियों को दबोचते हुए बारूद और तैयार पटाखों का भारी जखीरा जब्त किया है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम (Explosive Act) समेत विभिन्न संगीन धाराओं में पूंडरी थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।
स्टेडियम के पास चल रही थी बारूद की फैक्ट्री
जिस जगह यह अवैध कारोबार धड़ल्ले से चलाया जा रहा था, उसके बिल्कुल करीब ही गांव का खेल स्टेडियम स्थित है। रोजाना दर्जनों बच्चे और युवा वहां अभ्यास के लिए पहुंचते हैं। बिना किसी सुरक्षा मानकों और फायर क्लीयरेंस के चलाई जा रही यह फैक्ट्री किसी भी पल किसी बड़े विस्फोट का सबब बन सकती थी। रेड के दौरान स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए एहतियात के तौर पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को भी मौके पर तैनात किया गया था।
300 किलो ज्वलनशील पदार्थ और 55 पेटी पटाखे बरामद
डीएसपी सुशील प्रकाश ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर सीआईए कलायत की एक विशेष टीम गठित कर छापेमारी की गई। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची, तो दफ्तर के बाहर खड़ी एक टाटा पिकअप गाड़ी से तैयार पटाखों की 55 पेटियां बरामद हुईं। अंदर जांच करने पर छह लोग ज्वलनशील पदार्थों से पटाखे बनाते रंगे हाथों पकड़े गए। पूछताछ में आरोपी पटाखे बनाने या भंडारण करने से जुड़ा कोई भी वैध लाइसेंस या दस्तावेज पेश नहीं कर सके। पुलिस ने मौके से करीब 300 किलोग्राम खतरनाक ज्वलनशील सामग्री, पैकिंग उपकरण और अन्य सामान जब्त किया है।
अंतरराज्यीय नेटवर्क और सप्लाई चेन खंगाल रही पुलिस
पुलिस गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान धोंस निवासी अमर उर्फ सोंटी और गोल्डी, पूंडरी निवासी मोहित व ओमपाल, करोड़ा निवासी सुंदर सिंह तथा पानीपत के दंदोल्ला निवासी गुरजीत के रूप में हुई है। प्राथमिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी तैयार माल को आसपास के जिलों और स्थानीय बाजारों में खपाने की योजना बना रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बारूद और कच्चा माल कहां से लाया जा रहा था और इस पूरे नेटवर्क के पीछे मुख्य वित्तपोषक कौन है।
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