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Kaithal Kaul village: कैथल के कौल गांव में भारी हंगामा: ढांड के गंदे पानी की निकासी का काम ग्रामीणों ने जबरन रुकवाया, तनाव की स्थिति

GGaganpreet Kaur
कैथल के कौल गांव में भारी हंगामा: ढांड के गंदे पानी की निकासी का काम ग्रामीणों ने जबरन रुकवाया, तनाव की स्थिति
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ढांड (नरेश ढांडा) कैथल जिले के ग्रामीण अंचलों में जल निकासी और ड्रेनेज सिस्टम को लेकर अक्सर विवाद सामने आते रहते हैं, लेकिन ताजा मामला ढांड और कौल गांव के बीच प्रशासनिक तालमेल की कमी के चलते गहरा गया है। ढांड कस्बे के गंदे पानी की निकासी को कौल गांव की ड्रेन से जोड़ने की जनस्वास्थ्य विभाग की एक महत्वाकांक्षी योजना को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा है। शुक्रवार को कौल गांव के लोगों ने मौके पर चल रहे काम को न सिर्फ ठप करा दिया, बल्कि प्रशासन को दोटूक चेतावनी भी दे डाली कि बिना सहमति के गांव की सीमा में एक इंच भी पाइपलाइन आगे नहीं बढ़ने दी जाएगी।

गुपचुप तरीके से चल रहा था काम, भनक लगते ही पहुंचे ग्रामीण

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दरअसल, पिछले दो दिनों से ड्रेन के पास जेसीबी मशीनें और मजदूर काम में जुटे हुए थे। जब ग्रामीणों को भनक लगी कि इस खुदाई का मकसद ढांड कस्बे का गंदा और दूषित पानी कौल की ड्रेन में डालना है, तो गांव की चौपाल सुलग उठी। पूर्व सरपंच गुलाब सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण शुक्रवार सुबह ही मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों का सीधा तर्क था कि पहले से ही ओवरफ्लो रहने वाली इस ड्रेन में यदि एक और बड़े इलाके का पानी डाल दिया गया, तो आने वाले समय में कौल गांव और उसके आस-पास के खेतों में जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो जाएगी।

मौके पर पहुंचे एसडीओ, ग्रामीणों के तीखे तेवर देख थमे मशीनों के पहिए

विवाद बढ़ने और काम रुकने की सूचना मिलते ही जनस्वास्थ्य विभाग के सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) जगदीश कुमार अपनी तकनीकी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की और प्रोजेक्ट के तकनीकी पहलुओं का हवाला दिया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों का गुस्सा इस बात को लेकर ज्यादा था कि इतने बड़े फैसले से पहले गांव के मौजिज लोगों या पंचायत प्रतिनिधियों से राय मशविरा करना भी जरूरी नहीं समझा गया। ग्रामीणों की एकजुटता और तीखे तेवरों को देखते हुए एसडीओ ने फिलहाल ठेकेदार को काम रोकने के निर्देश दे दिए हैं।

“प्रशासन ने जबरदस्ती की तो भुगतने होंगे नतीजे”

विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व सरपंच गुलाब सिंह और वरिष्ठ ग्रामीणों ने दोटूक लहजे में कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपने गांव की ड्रेन को दूसरे इलाके का डंपिंग ग्राउंड नहीं बनने देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने पुलिस बल या किसी अन्य दबाव में आकर दोबारा काम शुरू करने की हिमाकत की, तो क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो सकती है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि कोई अप्रिय घटना या आपसी विवाद होता है, तो उसकी पूरी जवाबदेही जिला प्रशासन और संबंधित ठेकेदार की होगी। फिलहाल, अधिकारियों ने ग्रामीणों की इस नाराजगी और मांगों को उच्चाधिकारियों के सामने रखने का आश्वासन दिया है, जिसके बाद ही अगली रणनीति तय होगी।

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