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Kaithal electricity protest: '10 घंटे बिजली भी नसीब नहीं'— कैथल में भारतीय किसान यूनियन के साथ ग्रामीणों का बड़ा प्रदर्शन

GGaganpreet Kaur
'10 घंटे बिजली भी नसीब नहीं'— कैथल में भारतीय किसान यूनियन के साथ ग्रामीणों का बड़ा प्रदर्शन
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कैथल। मई के महीने में आसमान से बरसती आग और उस पर बिजली निगम के अघोषित कटों ने कैथल के ग्रामीण इलाकों में जीना मुहाल कर दिया है। इसी समस्या को लेकर शुक्रवार को गांव खुराना में ग्रामीण व्यवस्था के खिलाफ लामबंद हो गए। घर का काम छोड़कर बड़ी संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग पुरुष बिजली बोर्ड के कार्यालय पहुंचे और परिसर को चारों तरफ से घेर लिया। ग्रामीणों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि बार-बार गुहार लगाने के बाद भी बिजली के लंबे कटों से उन्हें निजात नहीं मिल पा रही है।

‘न बिजली मिल रही न पानी’— तपती गर्मी में ग्रामीणों का फूटा दर्द

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धरने पर बैठीं गांव की लक्ष्मी, संतोष, रीना, सुमन और सोनिया ने अपनी परेशानी बयां करते हुए कहा कि इस चिलचिलाती गर्मी में चौबीस घंटे में से केवल 10 घंटे ही बिजली नसीब हो रही है। उसमें भी हर आधे घंटे में कट लग जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली गुल रहने का सीधा असर गांव की पेयजल व्यवस्था पर पड़ रहा है। जैसे ही जनस्वास्थ्य विभाग नलों में पानी की सप्लाई शुरू करता है, पीछे से बिजली कट जाती है। इसके चलते बच्चों और मवेशियों के लिए पानी का इंतजाम करना भी भारी पड़ रहा है। प्रदर्शन में शामिल बलकार, संदीप और नरेश ने कहा कि अधिकारी वादे तो बड़े-बड़े करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में ग्रामीण जनता को नरकीय जीवन जीने के लिए छोड़ दिया गया है।

तालाबंदी की चेतावनी के बाद जागे अधिकारी, जल्द समाधान का भरोसा

आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए बिजली निगम के स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने दोटूक कहा कि कागजी दावों से अब काम नहीं चलेगा; अगर गांव में तत्काल प्रभाव से कम से कम 16 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो ग्रामीण पावर हाउस पर पक्का ताला लगा देंगे और इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अधिकारियों द्वारा उच्चाधिकारियों से बात कर तकनीकी खामियों को जल्द दूर करने और सप्लाई शेड्यूल में सुधार करने के लिखित आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने अपना धरना स्थगित किया।

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