Kaithal News: भ्रष्टाचार के अड्डों पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। कैथल जिले में नगर परिषद के भीतर एक ऐसा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। एसीबी की टीम ने बुधवार को एक कार्रवाई करते हुए नगर परिषद (Kaithal Nagar Parishad News) के कार्यालय से कंप्यूटर ऑपरेटर को 18 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा। आरोपी ठेकेदार के काम के बिल पास करने की एवज में यह घूस मांग रहा था।
परेशान होकर ठेकेदार ने इस पूरे खेल की गोपनीय शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंप दी थी, जिसके बाद एसीबी ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत यह ट्रैप लगाया।
एसीबी का बिछाया जाल, रंगे हाथों दबोचा गया आरोपी
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने योजना के मुताबिक ठेकेदार को रासायनिक लगे नोट देकर आरोपी के पास भेजा। जैसे ही आरोपी ने ठेकेदार से 18 हजार रुपये की नकदी अपने हाथों में ली, वैसे ही आसपास सादे कपड़ों में तैनात एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। मौके से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई। (Anti Corruption Bureau Haryana) अचानक हुई इस कार्रवाई से नगर परिषद कार्यालय में हड़कंप मच गया और वहां मौजूद कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। एसीबी की टीम तुरंत आरोपी को अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए अज्ञात स्थान पर रवाना हो गई।
कागजों में सफाई कर्मी, दफ्तर में चला रहा था कंप्यूटर
इस पूरी घटना का सबसे चौकाने वाला पहलू यह है कि पकड़ा गया आरोपी संजय नगर परिषद में नियमित कर्मचारी नहीं, बल्कि ठेकेदारी प्रथा के तहत लगाया गया था। दस्तावेजों के अनुसार उसका पद ‘स्वीपर’ (सफाई कर्मचारी) का था, लेकिन धरातल पर उससे म्यूनिसिपल इंजीनियर (ME) के कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर का वीआईपी काम लिया जा रहा था।
बिना किसी वैध पद के इस तरह दफ्तरों में मलाईदार सीटों पर कब्जा जमाने के पीछे किसका हाथ था, अब यह सवाल सबसे बड़ा बन गया है।
अधिकारियों की भूमिका की भी होगी निष्पक्ष जांच
मामले की पुष्टि करते हुए एसीबी के इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने बताया कि टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि आरोपी लगातार पैसों की मांग कर रहा है। शुरुआती कार्रवाई के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस भ्रष्टाचार में अकेले ऑपरेटर की संलिप्तता नहीं हो सकती। जांच का दायरा अब नगर परिषद के उन बड़े अधिकारियों तक भी पहुंचेगा जिनकी शह पर यह सब खेल चल रहा था। (Computer Operator Bribe Kaithal) यदि जांच में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।

