Kaithal News: गूगल पर सर्च करके किसी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर निकालना आजकल बेहद आम बात है, लेकिन एक छोटी सी चूक आपकी जिंदगी भर की कमाई पर भारी पड़ सकती है। हरियाणा के कैथल जिले से साइबर क्राइम की एक चौंकाने वाली वारदात सामने आई है, जहां गूगल से कस्टमर केयर का नंबर निकालकर कॉल करना एक ज्वैलर को बहुत महंगा पड़ा। शातिर साइबर जालसाजों ने सैमसंग केयर का फर्जी प्रतिनिधि बनकर पीड़ित को झांसे में लिया और पलक झपकते ही उनके बैंक खाते से 1.07 लाख रुपये साफ कर दिए।
कैथल के गांव भागल के रहने वाले सुशील कुमार, जो चीका में ज्वैलरी की दुकान चलाते हैं, ने अपना सैमसंग का मोबाइल फोन मरम्मत के लिए सर्विस सेंटर में दिया था। कई दिन बीत जाने के बाद भी जब फोन वापस नहीं मिला, तो उन्होंने स्थिति का पता लगाने के लिए गूगल पर ‘सैमसंग केयर’ सर्च करके एक नंबर पर डायल कर दिया। फोन उठाने वाले शख्स ने खुद को कंपनी का अधिकृत कर्मचारी बताया और बड़े ही पेशेवर अंदाज में बात की।
10 रुपये की फीस का झांसा और बैंक खाता साफ
जब सुशील ने अपने हैंडसेट की स्थिति पूछी, तो ठग ने बड़ी चालाकी से कहा कि सिस्टम में स्टेटस अपडेट करने के लिए एक औपचारिकता पूरी करनी होगी। इसके लिए उसने पीड़ित के मोबाइल पर एक टेक्स्ट मैसेज भेजा और उसमें मौजूद लिंक के जरिए महज 10 रुपये की प्रोसेसिंग फीस भरने को कहा। पीड़ित को जरा भी अहसास नहीं हुआ कि वह किसी गिरोह के जाल में फंस चुके हैं।
जैसे ही सुशील कुमार ने लिंक पर क्लिक कर प्रक्रिया आगे बढ़ाई, उनके एचडीएफसी बैंक खाते से पैसे कटने के धड़ाधड़ मैसेज आने शुरू हो गए। जालसाजों ने पहले उनके खाते से 12,000 रुपये उड़ाए और फिर अगली ही सांस में 95,000 रुपये पार कर दिए। महज कुछ मिनटों में कुल 1.07 लाख रुपये का चूना लगते ही पीड़ित के पांव तले जमीन खिसक गई।
कैथल साइबर थाने में एफआईआर दर्ज
खाते से पूरी राशि गायब होने के बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने बिना देरी किए साइबर क्राइम थाना कैथल का रुख किया। पुलिस ने पीड़ित की लिखित शिकायत पर अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। मामले की कमान सब-इंस्पेक्टर सुरेंद्र को सौंपी गई है, जो फर्जी नंबरों और बैंक ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़ने में जुटे हैं।
गूगल सर्च पर फर्जी कस्टमर केयर नंबरों के जरिए होने वाली ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साइबर विशेषज्ञ बार-बार सचेत करते हैं कि गूगल पर दिखने वाले हर नंबर पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी ब्रांड या सेवा का संपर्क सूत्र केवल उनकी आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही हासिल करें, वरना एक गलत क्लिक आपकी जेब खाली कर सकता है।

