Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Kaithal News: कैथल में कचरे का संकट: सफाईकर्मियों की हड़ताल से सड़कों पर जमा हुआ 550 टन कूड़ा

GGaganpreet Kaur
कैथल में कचरे का संकट: सफाईकर्मियों की हड़ताल से सड़कों पर जमा हुआ 550 टन कूड़ा
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

कैथल। अपनी लंबित मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल ने कैथल शहर की सूरत बिगाड़कर रख दी है। पिछले कई दिनों से झाड़ू न लगने और कचरा न उठने के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। आलम यह है कि कैथल की गलियों और मुख्य बाजारों में करीब 550 टन कचरे का पहाड़ खड़ा हो गया है, जिससे उठने वाली सड़ांध ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। मंगलवार को हड़ताली कर्मचारियों ने जनता के बीच जाकर पंपलेट बांटे और अपनी मजबूरी बताते हुए समर्थन की अपील की।

नगर परिषद के गेट पर ही लग गया ‘गंदगी का ढेर’

विज्ञापन

हड़ताल का असर सबसे ज्यादा सरकारी दावों की दहलीज पर दिख रहा है। नगर परिषद का मुख्य गेट, जहां से शहर की सफाई की योजनाएं बनती हैं, वहीं अब कूड़े का डंपिंग स्टेशन नजर आ रहा है। इसके अलावा अंबाला रोड और करनाल रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर कचरा सड़कों तक फैल गया है। राहगीरों और दुपहिया वाहन चालकों को रूमाल बांधकर इन रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। शहर के प्रवेश द्वारों पर लगे ये ढेर प्रशासन के ‘स्वच्छता सर्वेक्षण’ के दावों की पोल खोल रहे हैं।

550 टन कचरा: महामारी का मंडरा रहा खतरा

अनुमान के मुताबिक, शहर के अलग-अलग कोनों में अब तक 550 टन से ज्यादा कचरा जमा हो चुका है। हालांकि, नगर परिषद प्रशासन ‘डोर-टू-डोर’ कचरा उठाने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत में गलियां कूड़े से पटी पड़ी हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि बाजारों में फैली गंदगी के कारण ग्राहक दुकानों तक आने से कतरा रहे हैं, जिससे कारोबार चौपट होने की कगार पर है। भीषण गर्मी के बीच इस गंदगी से अब शहर में बीमारियां फैलने का डर भी सताने लगा है।

“सहयोग करें शहरवासी”: कर्मचारियों की भावुक अपील

एक तरफ शहर गंदगी से जूझ रहा है, तो दूसरी तरफ सफाई कर्मचारी अपनी मांगों पर अडिग हैं। मंगलवार को कर्मचारियों ने शहरवासियों के बीच जाकर पर्चे बांटे। सफाई कर्मचारी नेता शिवचरण ने स्पष्ट कहा, “हम शहर को गंदा नहीं करना चाहते, लेकिन सरकार हमें मजबूर कर रही है। जब तक हमारी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, यह हड़ताल 14 मई तक जारी रहेगी।” कर्मचारियों ने जनता से आग्रह किया कि वे इस लड़ाई में उनका साथ दें क्योंकि यह उनके हक और सम्मान का सवाल है।

प्रशासन के लिए बढ़ी चुनौती

सफाईकर्मियों और प्रशासन के बीच बढ़ता यह गतिरोध अब जिला प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गया है। अगर अगले 48 घंटों में कोई बीच का रास्ता नहीं निकला, तो कैथल की स्थिति और भयावह हो सकती है। फिलहाल, जनता हड़ताल और प्रशासन की सुस्ती के बीच पिस रही है।

विज्ञापन

कैथल की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।