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Kaithal Panchayat Election: पोलड़ में युवा जोश की जीत: महज 22 की उम्र में अंजलि रानी ने मारी सरपंच पद पर बाजी

GGaganpreet Kaur
पोलड़ में युवा जोश की जीत: महज 22 की उम्र में अंजलि रानी ने मारी सरपंच पद पर बाजी
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कैथल। कैथल के पोलड़ गांव में इस बार बदलाव की बयार देखने को मिली। अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित इस सीट पर पांच महिला उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। मंजु रानी, सिमरन, राजबाला, अंजलि रानी और राजविंदर कौर के बीच मुकाबला काफी रोमांचक रहा, लेकिन गांव की जनता ने महज 22 साल की अंजलि रानी पर भरोसा जताया। अंजलि ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी सिमरन को 191 वोटों के अंतर से धूल चटा दी। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि एक युवा शिक्षित बेटी का सरपंच बनना गांव के विकास के लिए नया रास्ता खोलेगा।

ढांड में जसबीर का एकतरफा मुकाबला

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दूसरी ओर, ढांड गांव में चुनावी समीकरण काफी पहले से ही जसबीर सिंह के पक्ष में झुकते नजर आ रहे थे। मतदान के दिन भी यही रुझान बरकरार रहा। जसबीर सिंह ने महेंद्र सिंह को 600 वोटों के बड़े अंतर से मात दी। जैसे ही जीत की आधिकारिक घोषणा हुई, जसबीर के समर्थकों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया और फूल-मालाओं से लाद दिया। प्रशासन ने दोनों ही गांवों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे ताकि नतीजों के बाद कोई अप्रिय घटना न हो।

ईवीएम में गड़बड़ी से मचा हड़कंप

हालांकि, लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बीच तकनीकी खामियों ने भी प्रशासन के पसीने छुड़ा दिए। पोलड़ गांव के वार्ड नंबर-7 में पंच पद के चुनाव के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब ईवीएम में प्रत्याशियों के चुनाव चिन्ह बदले हुए मिले। दरअसल, हरजिंदर कौर को ‘सीढ़ी’ और हरदीप कौर को ‘फावड़ा’ आवंटित किया गया था, लेकिन मशीन में यह उलट दिखाई दे रहा था। प्रत्याशियों ने तुरंत इस पर आपत्ति जताई और मतदान रुकवा दिया।

अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

चुनाव चिन्हों की इस अदला-बदली के कारण ग्रामीणों में थोड़ी नाराजगी देखी गई। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्थिति को संभाला और तकनीकी टीम के माध्यम से ईवीएम को दुरुस्त कराया। इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक घंटा जाया हुआ, जिसके कारण मतदान देरी से शुरू हो सका। अधिकारियों की सक्रियता की वजह से मामला शांत हुआ और बाकी का मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। प्रशासन ने चुनाव के सफल आयोजन पर संतोष जताया है।

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