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Bijli Nigam Office Kaithal: कैथल में बिजली दफ्तर के बाहर तंबू तानकर सोए ग्रामीण, 16 घंटे सप्लाई की मांग को लेकर अड़े

GGaganpreet Kaur
कैथल में बिजली दफ्तर के बाहर तंबू तानकर सोए ग्रामीण, 16 घंटे सप्लाई की मांग को लेकर अड़े
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कैथल। हरियाणा में पारा चढ़ने के साथ ही बिजली की किल्लत को लेकर जनता का गुस्सा भी अब सातवें आसमान पर पहुंचने लगा है। कैथल के खुराना गांव में बिजली सप्लाई की बदहाली का मुद्दा अब पूरी तरह गरमा गया है। बार-बार के पावर कट और प्रशासनिक उपेक्षा से तंग आकर ग्रामीणों ने बिजली निगम के कार्यालय को ही अपना आशियाना बना लिया है। शनिवार को दिनभर चले हंगामे और दफ्तर की तालाबंदी के बाद, गुस्साए ग्रामीण पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने शनिवार की पूरी रात बिजली दफ्तर के बाहर बाकायदा तंबू गाड़कर और बिस्तर बिछाकर काटी। ग्रामीणों ने साफ लफ्जों में सरकार और महकमे को चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह दफ्तर उनका स्थायी ठिकाना बना रहेगा।

10 घंटे भी नसीब नहीं हो रही बिजली, पानी की एक-एक बूंद को तरसे लोग

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प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे स्थानीय ग्रामीण करण सिंह, बलवान, प्रदीप और सुरेश ने अपनी बेबसी और नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि मई-जून की इस झुलसाने वाली गर्मी में गांव के हालात नरक जैसे हो गए हैं। कागजों पर भले ही लंबे-चौड़े दावे किए जा रहे हों, लेकिन जमीन पर ग्रामीणों को 10 घंटे भी बिजली नसीब नहीं हो रही है। रही-सही कसर अघोषित और लंबे पावर कट पूरी कर देते हैं। बिजली न आने का सीधा असर गांव की पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। नलकूप बंद पड़े हैं, जिससे पूरे गांव में पानी की एक-एक बूंद के लिए हाहाकार मचा हुआ है। पशुओं के लिए चारे और पानी का इंतजाम करना भी दूभर हो चुका है।

अफसरों की दलीलें बेअसर, 16 घंटे बिजली की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी

इस पूरे मामले में शनिवार को उस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब बड़ी संख्या में खुराना गांव के लोग बिजली निगम के कार्यालय पहुंचे और मुख्य गेट पर ताला ठोक दिया। दफ्तर के बाहर तालाबंदी की खबर मिलते ही बिजली निगम और स्थानीय प्रशासन के आला अधिकारी दलबल के साथ मौके पर दौड़े। अफसरों ने ग्रामीणों को समझाने और ताला खोलने के लिए काफी मिन्नतें कीं, लेकिन ग्रामीणों के कड़े रुख के आगे उनकी एक न चली। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे सालों से कोरे आश्वासनों के झांसे में आ रहे हैं, लेकिन इस बार बिना ठोस समाधान के वे यहां से एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे। उनकी दो टूक मांग है कि गांव को कम से कम 16 घंटे बिना कट के बिजली दी जाए।

‘जगमग गांव’ योजना से जुड़े तो मिलेगी 24 घंटे बिजली: बिजली निगम

दूसरी ओर, ग्रामीणों के इस उग्र आंदोलन और दफ्तर के बाहर डेरा डालने पर बिजली निगम के उच्च अधिकारियों ने भी अपना पक्ष रखा है। बिजली निगम के एसई (Superintending Engineer) सोमवीर सिंह ने इस मामले पर बात करते हुए कहा कि विभाग उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि खुराना गांव के लोग सरकार की महत्वाकांक्षी ‘महरा गांव जगमग गांव’ योजना का लाभ उठाएं। एसई के मुताबिक, इस योजना के तहत जिन गांवों में लाइन लॉस कम होता है और बिजली बिलों का भुगतान समय पर किया जाता है, वहां सरकार खुद 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। हालांकि, अब देखना यह होगा कि तंबू ताने बैठे ग्रामीणों और निगम के इस तकनीकी तर्क के बीच का यह गतिरोध कब और कैसे समाप्त होता है।

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