Kaithal Pundri Electricity Dispute: हरियाणा के कैथल जिले की पूंडरी विधानसभा सीट पर स्थानीय विधायक और बिजली निगम के कर्मचारियों के बीच शुरू हुई तनातनी अब बड़े आंदोलन का रूप लेती दिख रही है। विधायक की अनुशंसा पर पूंडरी सब-डिवीजन में तैनात दो जूनियर इंजीनियरों (जेई) के तबादले के बाद विवाद खड़ा हो गया है। करीब दो हफ्ते बीत जाने के बाद भी दोनों जेई ने अपनी नई तैनाती पर कार्यभार नहीं संभाला है। इसके बजाय वे कर्मचारी यूनियन के साथ पूंडरी बिजली बोर्ड दफ्तर के बाहर पक्के धरने पर बैठ गए हैं। जॉइन न करने के चलते प्रशासन ने दोनों का वेतन रोक दिया है।
रंजिश में ट्रांसफर का आरोप, HSEB वर्कर्स यूनियन ने दी प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी
धरना दे रहे जेई सुनील कुमार और नरेश का कहना है कि उनका तबादला प्रशासनिक जरूरत से नहीं, बल्कि राजनीतिक रंजिश के तहत कराया गया है। इस पूरे मामले में एचएसईबी (HSEB) वर्कर्स यूनियन भी कर्मचारियों के समर्थन में खुलकर सामने आ गई है। यूनियन के प्रधान जितेंद्र बाकल, राममेहर, प्रवीन, सुशील और कुलदीप सिंह ने दो टूक कहा है कि जब तक दोनों जेई के ट्रांसफर ऑर्डर रद्द नहीं होते, धरना खत्म नहीं होगा। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो पूरे हरियाणा में बिजली सप्लाई और सेवाओं को ठप कर आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी सीधी जिम्मेदारी शासन की होगी।
विधायक जांबा सख्त, बोले— तानाशाही नहीं चलेगी, सस्पेंड करवाऊंगा
दूसरी ओर, पूंडरी से बीजेपी विधायक सतपाल जांबा इस मामले पर पूरी तरह से हमलावर रुख अपनाए हुए हैं। विधायक ने बिजली निगम के अधिकारियों पर लापरवाही और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। जांबा ने कहा, “ये कर्मचारी काम नहीं कर रहे थे और जनता परेशान थी। अगर कोई अधिकारी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएगा तो एक्शन तय है।” विधायक ने दावा किया कि दोनों जेई के खिलाफ निलंबन (सस्पेंशन) की कार्रवाई को लेकर उनकी मुख्यमंत्री से बात हो चुकी है। बता दें कि प्रदेश में बिजली मंत्रालय अनिल विज के पास है, ऐसे में मामला अब सीधा उच्च स्तर तक पहुंच गया है।
बिजली सेवाओं पर मंडराया संकट, जनता परेशान
विधायक की सख्ती और कर्मचारियों की अड़चन के बीच पूंडरी क्षेत्र के आम उपभोक्ता पिस रहे हैं। पिछले दो हफ्तों से चल रहे इस गतिरोध के कारण बिजली बिलों, नए कनेक्शन और फॉल्ट ठीक करने जैसे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। यदि बिजली कर्मचारी पूरे प्रदेश में कामकाज ठप करने की अपनी चेतावनी पर अमल करते हैं, तो हरियाणा के अन्य जिलों में भी बिजली संकट गहरा सकता है।
यह भी पढ़ें– हरियाणा में 8 से 13 अक्टूबर तक बारिश का अलर्ट, 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

