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Kaithal Road Accident: खुशियों को लगी नजर: शादी के चार महीने बाद कैथल के युवक की सड़क हादसे में मौत; जल गई कार, पर आशीष का शरीर सुरक्षित रहने से गहराया रहस्य

GGaganpreet Kaur
कैथल न्यूज़: शादी की खुशियां मातम में बदलीं,  कार हादसे ने उजाड़ दिया परिवार
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कैथल (जग मार्ग)। नियति का क्रूर मजाक देखिए, जिस घर में चार महीने पहले शहनाइयां गूंजी थीं और नई नवेली दुल्हन के हाथों की मेहंदी का रंग अभी ठीक से उतरा भी नहीं था, वहां आज मातम का सन्नाटा पसरा है। कैथल की भगत सिंह कॉलोनी के रहने वाले 23 वर्षीय आशीष की एक सड़क हादसे में जान चली गई। हादसा राजौंद थाना क्षेत्र के गांव सौंगल के पास हुआ, जहाँ आशीष अपने दोस्त बलजीत के साथ किसी काम से गया था। देर रात वापसी के दौरान उनकी कार हादसे का शिकार हो गई।

सुलगती कार और अनसुलझे सवाल

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यह हादसा महज एक दुर्घटना है या कुछ और, इसे लेकर इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद कार में भीषण आग लग गई और वह लोहे के कंकाल में तब्दील हो गई। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि आशीष के पिता शीशपाल और परिजनों का आरोप है कि कार पूरी तरह खाक हो गई, फिर भी आशीष और उसके साथी बलजीत के शरीर पर झुलसने का एक भी निशान नहीं है। परिजनों ने इसी विसंगति को लेकर पुलिस के सामने सवाल खड़े किए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा दोस्त

हादसे में आशीष की तो मौके पर ही मौत हो गई, लेकिन उसका साथी बलजीत गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि बलजीत के होश में आने और उसके बयान दर्ज होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि उस रात असल में हुआ क्या था। क्या कार किसी टक्कर के बाद पलटी या तकनीकी खराबी के कारण उसमें आग लगी, यह अभी भी जांच का विषय है।

पुलिस की तफ्तीश जारी

राजौंद थाना प्रभारी (SHO) सतपाल सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए हैं। पिता शीशपाल की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। SHO ने कहा, “शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और विसरा रिपोर्ट व बलजीत के बयानों से स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस हर तकनीकी पहलू और परिजनों द्वारा जताए गए संदेह की गंभीरता से जांच कर रही है।” फिलहाल, जवान बेटे की मौत से भगत सिंह कॉलोनी में गमगीन माहौल है और हर कोई आशीष की पत्नी और माता-पिता की हालत देख द्रवित है।

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