Breaking News
Aaj Ka Ank Rashifal: अंक राशिफल 15 अक्टूबर, जन्म तारीख से जानिए गुरुवार का दिन आपके करियर और लव लाइफ के लिए कैसा रहेगाLudhiana Minor Gang Rape: लुधियाना में अनाथ नाबालिग से गैंगरेप, होटल में नशीली ड्रिंक पिलाकर की दरिंदगीAmritsar News: अमृतसर में पेट्रोल पंप पर ताबड़तोड़ लूट, पिस्तौल के बल पर कैश लूटा, फायरिंग से मची अफरा-तफरीKurukshetra KDB road accident: कुरुक्षेत्र में बेकाबू कैंटर जिम की पार्किंग में घुसा, दर्जनों वाहन क्षतिग्रस्तMoonrise Time Today: आज कपर्दिश चतुर्थी, जानिए चंद्रोदय का समय और चंद्र दर्शन से जुड़े जरूरी नियमAaj Ka Ank Rashifal: अंक राशिफल 15 अक्टूबर, जन्म तारीख से जानिए गुरुवार का दिन आपके करियर और लव लाइफ के लिए कैसा रहेगाLudhiana Minor Gang Rape: लुधियाना में अनाथ नाबालिग से गैंगरेप, होटल में नशीली ड्रिंक पिलाकर की दरिंदगीAmritsar News: अमृतसर में पेट्रोल पंप पर ताबड़तोड़ लूट, पिस्तौल के बल पर कैश लूटा, फायरिंग से मची अफरा-तफरीKurukshetra KDB road accident: कुरुक्षेत्र में बेकाबू कैंटर जिम की पार्किंग में घुसा, दर्जनों वाहन क्षतिग्रस्तMoonrise Time Today: आज कपर्दिश चतुर्थी, जानिए चंद्रोदय का समय और चंद्र दर्शन से जुड़े जरूरी नियम

Moonrise Time Today: आज कपर्दिश चतुर्थी, जानिए चंद्रोदय का समय और चंद्र दर्शन से जुड़े जरूरी नियम

AAmandeep Singh
शेयर करें
Moonrise Time Today: आज कपर्दिश चतुर्थी, जानिए चंद्रोदय का समय और चंद्र दर्शन से जुड़े जरूरी नियम

Moonrise Time Today: आज कपर्दिश चतुर्थी, जानिए चंद्रोदय का समय और चंद्र दर्शन से जुड़े…

AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

Moonrise Time Today: सामान्य तौर पर जब भी ‘चतुर्थी व्रत’ का जिक्र होता है, तो लोगों के मन में यही बात आती है कि रात के समय चांद के दर्शन करने के बाद ही व्रत खोला जाता है। लेकिन सभी चतुर्थी व्रतों के नियम एक जैसे नहीं होते हैं। (Vinayak Chaturthi October 2026) शुक्ल पक्ष में आने वाली कपर्दिश चतुर्थी का स्वरूप और उसकी पूजा पद्धति अलग होती है। इसे कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी की तरह चंद्र दर्शन करके व्रत खोलने वाला पर्व समझ लेना एक आम भ्रम है, जिसे पंचांग के नियमों से स्पष्ट किया जा सकता है।

आज कब निकलेगा चांद और क्या है वर्जित समय?

विज्ञापन

द्रिक पंचांग के आंकड़ों के मुताबिक, नई दिल्ली में आज 14 अक्टूबर को चंद्रोदय सुबह 9 बजकर 49 मिनट पर होगा और चंद्रमा शाम 7 बजकर 57 मिनट पर अस्त होगा। इसका मतलब यह है कि आज चांद देखने के लिए आपको रात होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि चंद्रमा दिन में ही क्षितिज के ऊपर आ जाएगा। (Moonrise Time Delhi Today) हालांकि, चंद्रोदय का अर्थ यह कतई नहीं है कि वह खुली आंखों से साफ दिखाई ही दे, क्योंकि दिन की रोशनी, बादलों या आसपास की संरचनाओं के कारण उसकी दृश्यता प्रभावित हो सकती है।

कपर्दिश चतुर्थी की परंपरा में वर्जित अवधि के दौरान चंद्र दर्शन से बचने का विशेष विधान है। आज वर्जित चंद्रदर्शन का समय सुबह 9:49 बजे से शाम 7:57 बजे तक यानी कुल 10 घंटे 8 मिनट का है। (Kapardish Chaturthi Moon Sighting) इस दौरान चंद्रमा को देखना वर्जित माना गया है, इसलिए इस दिन छत पर जाकर चांद के निकलने का इंतजार करना या उसे अर्घ्य देना इस व्रत का अनिवार्य हिस्सा नहीं है।

शाम को चांद देखकर व्रत क्यों नहीं खोलना चाहिए?

शाम को 7:57 बजे जब चंद्रास्त होगा, तो कई लोग यह सोच सकते हैं कि वर्जित अवधि समाप्त होने के बाद चांद देखकर व्रत खोल लिया जाए। लेकिन कपर्दिश चतुर्थी की व्रत परंपरा में इस समय को पारण का मुहूर्त नहीं माना जाता है। (Drik Panchang Chaturthi) इस व्रत का मुख्य उद्देश्य भगवान गणेश की विधि-विधान से आराधना, गणेश मंत्रों का जाप और कथा श्रवण करना है। पंचांग के अनुसार इस व्रत का पारण अगले दिन पंचमी तिथि पर किया जाता है।

यह भी पढ़ें–Weekly Horoscope: अक्टूबर के इस सप्ताह चमकेगी इन राशियों की किस्मत, जानें 12 राशियों का भविष्यफल

ख़बर पसंद आई? शेयर करें
विज्ञापन

धर्म की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।