करनाल। करनाल शहर में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए बदमाशों ने बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में खूनी खेल खेला। गांव मेहनमती के रहने वाले संदीप ने पुलिस को बताया कि वह अपने दोस्त दिनेश के साथ किसी काम से बस स्टैंड आए थे, तभी मौत बनकर आए हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। हमलावर पूरी तैयारी के साथ एक स्कॉर्पियो एन और एक जेड ब्लैक आई-20 कार में सवार होकर आए थे। गाड़ियों से उतरते ही 10-12 नकाबपोशों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते हथियारों से वार करना शुरू कर दिया।
स्कॉर्पियो से कुचलने का प्रयास और बंदूक की नोक पर दहशत
वारदात की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हमलावरों ने संदीप को जान से मारने की नीयत से स्कॉर्पियो गाड़ी उस पर चढ़ा दी। संदीप ने बताया कि उसे दो बार गाड़ी से टक्कर मारकर कुचलने की कोशिश हुई, लेकिन वह बाल-बाल बच गया। इस दौरान बदमाशों ने न केवल तेजधार हथियारों का इस्तेमाल किया, बल्कि बंदूकें लहराकर मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी दहशत पैदा कर दी। शोर मचने और भीड़ जुटने की आशंका के चलते बदमाश संदीप और दिनेश को मरणासन्न हालत में छोड़कर फरार हो गए।
आपसी रंजिश या पुरानी दुश्मनी?
पीड़ित संदीप ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में दो मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली है। इनमें एक आरोपी आशीष निवासी मंजूरा और दूसरा शुभम निवासी सेरडा बताया जा रहा है। हालांकि, हमले की असली वजह अभी साफ नहीं हो पाई है, लेकिन जिस तरह से टारगेट करके हमला किया गया, उससे पुरानी रंजिश की बू आ रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की गाड़ियों के नंबर और उनके भागने के रूट का पता लगाया जा सके।
पुलिस की कार्रवाई और अस्पताल में बयान
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची और घायलों के बयान दर्ज किए। संदीप की शिकायत के आधार पर थाना शहर करनाल में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही सभी हमलावर सलाखों के पीछे होंगे। फिलहाल, घायलों का इलाज चल रहा है और इलाके में तनाव को देखते हुए गश्त बढ़ा दी गई है।

