Karnal Congress Protest: (मुनीश मुंडे) मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर बुधवार को करनाल की सड़कों पर कांग्रेस का जबर्दस्त जनसैलाब उतरा। एआईसीसी और पीसीसी के दिशा-निर्देशों तथा इंडिया गठबंधन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी (Election Commission Protest Haryana) की ओर से ‘देश बचाओ-वोट बचाओ-लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकाला गया।
हरियाणा कांग्रेस द्वारा नियुक्त विशेष पर्यवेक्षक, थानेसर से विधायक व पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा के नेतृत्व में निकले इस मार्च में कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हुंकार भरी।
हाथों में पार्टी के झंडे और विरोध की तख्तियां लिए सैकड़ों कार्यकर्ता जब माल रोड से गुजरते हुए ‘वोट चोर गद्दी छोड़’, ‘लोकतंत्र बचाओ’ और ‘ज्ञानेश हटाओ’ के गगनभेदी नारे लगा रहे थे, तो पूरे शहर में राजनीतिक गर्माहट तैर गई।
अम्बेडकर चौक के पास बैरिकेड्स पर बवाल, पुलिस से तीखी झड़प
प्रदर्शनकारियों का यह जुलूस जैसे ही माल रोड पार कर अम्बेडकर चौक के नजदीक पहुंचा, कार्यकर्ताओं ने मुख्य सड़क पर बैठकर चक्का जाम करने का प्रयास किया। पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने जब प्रदर्शनकारियों को सड़क खाली करने के लिए कहा, तो माहौल गरमा गया। देखते ही देखते कांग्रेसी नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
कार्यकर्ता आगे बढ़ने और विरोध जताने पर अड़े रहे, जबकि पुलिस प्रशासन उन्हें रोकने में लगा था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए शहरी कांग्रेस अध्यक्ष पराग गाबा, ग्रामीण अध्यक्ष राजेश वैद्य समेत कई प्रमुख नेताओं और दर्जनों कार्यकर्ताओं को जबरन हिरासत में ले लिया।
‘यह सत्ता नहीं, संविधान और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है’: अशोक अरोड़ा
अम्बेडकर चौक पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने कहा कि आज देश का लोकतंत्र खतरे में है और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नागरिक का एक-एक वोट लोकतंत्र की आत्मा है, और अगर जनता के मताधिकार पर ही डाका पड़ने लगे तो चुप बैठना गुनाह है। अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना ही होगा।
वहीं हिरासत में लिए जाने के दौरान शहरी अध्यक्ष पराग गाबा और ग्रामीण अध्यक्ष राजेश वैद्य ने बुलंद आवाज में कहा कि पुलिसिया लाठी या गिरफ्तारी से कांग्रेस का कार्यकर्ता डरने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव प्रणाली की बहाली तक यह आंदोलन सड़क से संसद तक जारी रहेगा।
बसों में ठूंसे गए नेता, माल रोड पर घंटों बाधित रहा यातायात
पुलिस कार्रवाई के दौरान भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का तेवर ढीला नहीं पड़ा। पुलिस की गाड़ियों और बसों में बैठाए जाने के बाद भी नेता खिड़कियों से हाथ निकालकर चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। (Desh Bachao Vote Bachao March) इस अप्रत्याशित घटनाक्रम और चक्का जाम के प्रयास के चलते माल रोड और अम्बेडकर चौक के आसपास के इलाकों में काफी देर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम जनता को यातायात जाम से जूझना पड़ा।
पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सड़क को सुचारू करने के लिए ही प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर मौके से हटाया गया था। (Karnal Police Clash Congress) कांग्रेस नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि जब तक चुनावी पारदर्शिता और उठ रहे सवालों का माकूल जवाब नहीं मिलता, तब तक यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है।
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