करनाल। हरियाणा के करनाल में जालसाजी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर पुलिस भी हैरान है। निसिंग इलाके में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कुछ लोग सफेद लग्जरी गाड़ी में सवार होकर पहुंचे। गाड़ी के आगे-पीछे सुरक्षा का ऐसा तामझाम था कि देखने वालों को लगा कोई बहुत बड़ा केंद्रीय अधिकारी आया है। गाड़ी से रिंकू सैनी नाम का व्यक्ति उतरा, जिसके साथ हरियाणा पुलिस की कमांडो वर्दी पहने एक गनमैन साये की तरह चल रहा था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; वहां मौजूद असली पुलिसकर्मियों की पारखी नजरों ने गनमैन की वर्दी और उसके चलने-फिरने के अंदाज में खोट पकड़ लिया।
शक हुआ तो ढीली पड़ गई ‘अध्यक्ष जी’ की सिट्टी-पिट्टी
जब निसिंग थाना पुलिस ने संदेह के आधार पर गनमैन से उसके बेल्ट नंबर और यूनिट के बारे में पूछताछ की, तो वह हड़बड़ा गया। सख्ती बरतने पर पता चला कि वह कोई पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि रिंकू सैनी का रखा हुआ एक निजी करिंदा है जिसे सिर्फ वर्दी पहनाकर ‘शो-पीस’ बनाया गया था। इसके बाद जब पुलिस ने मुख्य आरोपी रिंकू सैनी से उसके विभाग के दस्तावेज मांगे, तो वह खुद को केंद्र सरकार के ‘सामाजिक नागरिकता विभाग’ का चेयरमैन बताने लगा। जांच में सामने आया कि ऐसा कोई विभाग अस्तित्व में ही नहीं है। पुलिस ने जब फाइलें खंगालीं, तो पता चला कि रिंकू पर पहले से ही नौकरी लगवाने और तबादले कराने के नाम पर ठगी के दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।
ओडिशा पुलिस को भी दे चुका है चकमा
रिंकू सैनी की ठगी की जड़ें केवल हरियाणा तक सीमित नहीं हैं। जांच में खुलासा हुआ कि इसने ओडिशा में भी इसी तरह का स्वांग रचा था। वहां इसने खुद को बड़ा सरकारी ओहदेदार बताकर बाकायदा सरकारी सुरक्षा (गनर) की मांग की थी। जब वहां की पुलिस को इसकी असलियत पता चली, तो इसके खिलाफ केस दर्ज किया गया। जेल से बाहर आते ही इसने फिर से अपना गिरोह सक्रिय किया और इस बार किराए के गनमैन को सरकारी वर्दी पहनाकर हरियाणा के लोगों को शिकार बनाना शुरू कर दिया।
सलाखों के पीछे पहुंचा गिरोह, जांच जारी
निसिंग पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए रिंकू सैनी, उसके फर्जी गनमैन और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से बरामद हथियार और गाड़ी को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ रही है कि इस फर्जी ‘चेयरमैन’ ने हाल के दिनों में कितने लोगों से काम करवाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठी है। करनाल पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के बाहरी तामझाम से प्रभावित होने के बजाय उसकी आधिकारिक पहचान की पुष्टि जरूर करें।

