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Karnal Wheat Scam: करनाल गेहूं घोटाला: यूपी का अनाज हरियाणा के पोर्टल पर खपाया, इंद्री की 5 फर्मों पर FIR दर्ज

AAmandeep Singh
करनाल गेहूं घोटाला: यूपी का अनाज हरियाणा के पोर्टल पर खपाया, इंद्री की 5 फर्मों पर FIR दर्ज
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करनाल। हरियाणा की अनाज मंडियों में पारदर्शिता का दावा करने वाले ‘ई-खरीद पोर्टल’ में सेंधमारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। करनाल जिले की इंद्री मंडी और बियाना सब-यार्ड में बाहरी राज्यों से गेहूं लाकर उसे स्थानीय किसानों के नाम पर बेचने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस घोटाले की गूंज तब सुनाई दी जब मार्केट कमेटी की जांच में पाया गया कि कई आढ़ती उत्तर प्रदेश से सस्ता गेहूं खरीदकर उसे हरियाणा के किसानों के नाम पर एमएसपी (MSP) पर सरकारी एजेंसी को बेच रहे थे। इस मामले में कार्रवाई करते हुए इंद्री मार्केट कमेटी के सचिव की शिकायत पर 5 आढ़ती फर्मों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।

अवैध लेनदेन और लिफ्टिंग में ‘रिश्वत’ का खेल

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जांच के दौरान केवल पोर्टल की हेराफेरी ही नहीं, बल्कि मंडियों में गेहूं के उठान (लिफ्टिंग) को लेकर भी भ्रष्टाचार की परतें उधड़ी हैं। इंद्री मार्केट कमेटी के सचिव अजीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कुछ आढ़तियों ने ट्रांसपोर्टरों के ड्राइवरों को अवैध रूप से पैसे देकर अपने गेहूं की बोरियां प्राथमिकता के आधार पर उठवाईं। यह मंडी के नियमों का सीधा उल्लंघन है। ट्रांसपोर्ट फर्म ‘मैसर्स नरवाल कंपनी’ के ड्राइवरों ने लिखित बयान में स्वीकार किया है कि आढ़तियों और उनके बीच पैसों का लेनदेन होता था, ताकि उनका स्टॉक जल्द से जल्द मंडी से बाहर निकल सके।

इन फर्मों पर दर्ज हुआ मुकदमा

प्रशासनिक जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के बाद पुलिस ने जिन फर्मों पर शिकंजा कसा है, उनमें नई अनाज मंडी इंद्री की मैसर्स जसमेर सिंह जरनैल सिंह, मैसर्स सरधा राम जय भगवान, और मैसर्स राम सरूप रतन लाल शामिल हैं। इसके अलावा बियाना सब-यार्ड की मैसर्स अमर सिंह राय सिंह और मैसर्स मूनक एंटरप्राइजेज के खिलाफ भी नामजद केस दर्ज किया गया है। इन सभी पर लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने और रिकॉर्ड में हेरफेर कर सरकार को आर्थिक चपत लगाने के गंभीर आरोप हैं।

जांच के चार मुख्य पहलू और पुलिसिया कार्रवाई

मार्केट कमेटी की रिपोर्ट ने इस पूरे सिंडिकेट के काम करने के तरीके को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, पहले यूपी से गेहूं की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मंडी लाई गईं, फिर स्थानीय किसानों के पोर्टल डेटा का इस्तेमाल कर फर्जी एंट्री की गई और अंत में अवैध लेनदेन के जरिए स्टॉक को जल्द ठिकाने लगाया गया। इंद्री थाना पुलिस ने सस्पेंशन ऑर्डर और अन्य दस्तावेजों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही गिरफ्तारियां की जा सकती हैं। इस खुलासे के बाद अन्य मंडियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।

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