Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Karnal Crime News: करनाल में मजदूर से 2000 रुपये लूटने के लिए चाकू से गोद डाला चेहरा, टांगें भी तोड़ीं

AAmandeep Singh
करनाल में मजदूर से 2000 रुपये लूटने के लिए चाकू से गोद डाला चेहरा, टांगें भी तोड़ीं
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

करनाल। करनाल के फुसगढ़ इलाके में अपराध का एक ऐसा क्रूर चेहरा सामने आया है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। बिहार का रहने वाला बलिंद्र, जो यहाँ दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता है, देर रात बदमाशों की हैवानियत का शिकार हो गया। बताया जा रहा है कि 2-3 नकाबपोश बदमाशों ने उसे रास्ते में घेर लिया और उसकी जेब में रखे मात्र 2 हजार रुपये छीनने की कोशिश की। जब बलिंद्र ने अपनी मेहनत की कमाई देने से मना किया, तो बदमाशों ने उस पर रॉड और चाकू से ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए। हमलावरों ने उसके चेहरे को चाकू से बुरी तरह गोद दिया और रॉड मारकर उसकी टांगें तोड़ डालीं।

सिस्टम की बेरुखी: तड़पता रहा घायल, पुलिस ने समझा शराबी

विज्ञापन

इस घटना ने जहाँ कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, वहीं ‘डायल-112’ की कार्यशैली को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। वारदात के बाद जब पुलिस की पीसीआर टीम मौके पर पहुँची, तो आरोप है कि उन्होंने लहूलुहान बलिंद्र को अस्पताल पहुँचाने की जहमत तक नहीं उठाई। पुलिसकर्मियों ने उसे शराब के नशे में धुत समझकर सड़क किनारे उसी हाल में तड़पता हुआ छोड़ दिया। पूरी रात बलिंद्र खून से लथपथ होकर मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन सिस्टम की संवेदनहीनता ने उसे लावारिस बना दिया।

सामाजिक संस्था बनी फरिश्ता, अस्पताल में जंग लड़ रहा पीड़ित

सुबह जब रोशनी हुई, तब एक स्थानीय सामाजिक संस्था की नजर इस घायल मजदूर पर पड़ी। संस्था के सदस्यों ने तुरंत उसे करनाल के ट्रॉमा सेंटर पहुँचाया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, बलिंद्र के चेहरे और शरीर पर गहरे जख्म हैं और अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। इस खौफनाक वारदात के बाद फुसगढ़ और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। दिहाड़ी मजदूरों में डर है कि अब रात के समय काम से घर लौटना भी सुरक्षित नहीं रहा।

पुलिस की सफाई और कार्रवाई का आश्वासन

मामले के तूल पकड़ने के बाद अब करनाल पुलिस हरकत में आई है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उनकी तलाश के लिए टीमें लगा दी गई हैं। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। साथ ही, डायल-112 के कर्मचारियों पर लगे लापरवाही के आरोपों की भी आंतरिक जांच की बात कही जा रही है। सवाल यह है कि क्या 2 हजार रुपये की कीमत एक इंसान की जान से बढ़कर हो गई है?

विज्ञापन

करनाल की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।