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Karnal Truck Fire: दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे जाम: तरावड़ी के पास जलता ट्रक बना आग का गोला, बाल-बाल बचा ड्राइवर

AAmandeep Singh
दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे जाम: तरावड़ी के पास जलता ट्रक बना आग का गोला, बाल-बाल बचा ड्राइवर
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करनाल। करनाल के नेशनल हाईवे-44 पर बीती रात एक रूह कंपा देने वाला मंजर देखने को मिला। तरावड़ी और नीलोखेड़ी के बीच स्क्रैप लेकर जा रहे एक ट्रक में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना भयावह रूप ले लिया कि पूरा ट्रक आग के गोले में तब्दील हो गया। आसमान में उठते काले धुएं के गुबार और ट्रक से उठती ऊंची-ऊंची लपटों को देख हाईवे पर चल रहे वाहन चालकों के हाथ-पांव फूल गए। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो ट्रक के भीतर से एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए, जिससे ऐसा महसूस हुआ मानो हाईवे पर कोई बड़ा हमला हुआ हो।

धमाकों ने बढ़ाई दहशत, दमकल विभाग को करनी पड़ी कड़ी मशक्कत

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बताया जा रहा है कि स्क्रैप के बीच भारी मात्रा में केमिकल के डिब्बे रखे हुए थे। आग पकड़ते ही इन डिब्बों में विस्फोट शुरू हो गया, जिसके चलते आग पर काबू पाना फायर ब्रिगेड के लिए बड़ी चुनौती बन गया। सूचना मिलते ही करनाल और आसपास से दमकल की 4 से 5 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब 3 घंटे की कड़ी जद्दोजहद के बाद आग की लपटों को शांत किया गया, लेकिन तब तक ट्रक और उसमें रखा लाखों का माल पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था। गनीमत यह रही कि आग लगते ही ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाई और ट्रक से बाहर कूद गया, जिससे उसकी जान बच गई।

हाईवे पर रेंगते रहे वाहन, पुलिस ने संभाला मोर्चा

इस भीषण आगजनी के कारण देश के सबसे व्यस्ततम मार्गों में से एक NH-44 पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। तरावड़ी और नीलोखेड़ी के बीच वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर पहुंचे हाईवे SHO दर्शन सिंह और तरावड़ी पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत ट्रैफिक को डायवर्ट कराया। घंटों की मशक्कत और क्रेन की मदद से जले हुए ट्रक को सड़क के किनारे करने के बाद ही यातायात को धीरे-धीरे बहाल किया जा सका।

जांच के घेरे में आग की वजह

हादसे के बाद अब पुलिस और फायर विभाग इस बात की जांच कर रहे हैं कि आखिर चलती गाड़ी में आग लगी कैसे? जांच अधिकारी कर्मवीर सिंह के अनुसार, फायर विभाग के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या ट्रक में केमिकल ले जाने की अनुमति थी या नहीं। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को वजह माना जा रहा है, लेकिन धमाकों की तीव्रता को देखते हुए हर पहलू से पड़ताल की जा रही है।

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