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ईरान के लिए कश्मीरियों का समर्थन, महिलाओं ने परिवार के गहने दान किए

VVinita Kohli
ईरान के लिए कश्मीरियों का समर्थन, महिलाओं ने परिवार के गहने दान किए
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श्रीनगर: युद्ध की मार झेल रहे ईरान के लिए कश्मीर की वादियों से सोमवार को लगातार दूसरे दिन मदद के वास्ते हाथ बढ़े, तथा लोगों ने नकद राशि, सोना-चांदी, एवं अन्य कीमती सामान दान में देकर एकजुटता और मानवीय संवेदना का संदेश दिया। शिया नेता इमरान अंसारी ने अधिकारियों से अपील की कि एकजुटता की इस सामूहिक अभिव्यक्ति को गरिमा के साथ आगे बढ़ने दिया जाए और इस पर ‘‘किसी भी तरह का अनावश्यक दबाव न डाला जाए या पूछताछ न की जाए।’’

अधिकारियों के अनुसार, शहर के जदीबल, हसनाबाद, शालीमार, कमरवारी, लावेपोरा और बेमिना इलाकों में दान शिविर लगाए गए। उन्होंने बताया कि बहुसंख्यक सुन्नी समुदाय के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर योगदान दिया। इसी तरह के अभियान बडगाम, बांदीपोरा और बारामूला जिलों में भी चलाए गए, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां शिया आबादी अधिक है। अधिकारियों के अनुसार, राहत के रूप में नकदी, सोना, चांदी के बर्तन और तांबे के बर्तन दान किए गए। महिलाओं ने विशेष रूप से उदारता दिखाते हुए सोने के आभूषण, तांबे के बर्तन और अन्य घरेलू वस्तुएं दीं। कुछ परिवारों ने पशुधन भी दान किया, जबकि बच्चों ने अपनी बचत और जेब खर्च तक सौंप दिया।

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उन्होंने बताया कि एक महिला ने 28 वर्ष पहले दुनिया को छोड़कर जा चुके अपने पति की निशानी के रूप में रखा सोना दान कर दिया। नयी दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने इस पहल को ईरान की जनता के लिए सबसे बड़ा संबल बताया। दूतावास ने ‘एक्स’ पर कहा, “कश्मीर की एक बहन ने 28 वर्ष पहले दुनिया को अलविदा कह चुके अपने पति की स्मृति में सहेजकर रखा गया सोना, ईरान की जनता के प्रति प्रेम और एकजुटता से भरे मन के साथ दान कर दिया। आपके आंसू और आपकी निर्मल भावनाएं ईरान के लोगों के लिए सबसे बड़ा संबल हैं तथा इन्हें कभी नहीं भुलाया जाएगा। धन्यवाद कश्मीर। धन्यवाद भारत।”

अधिकारियों ने बताया कि यह योगदान ईरानी दूतावास सहित आधिकारिक राहत संगठनों के माध्यम से भेजा जाएगा। इस बीच, ऑल जम्मू-कश्मीर शिया एसोसिएशन के अध्यक्ष अंसारी ने कहा, “कश्मीरी अवाम, खास तौर पर शिया समुदाय गहरी आस्था और अटूट निष्ठा के साथ बड़ी संख्या में आगे आया है। वे पहले से प्रतिबंधों और युद्ध की कठिनाइयों का सामना कर रहे ईरान के साथ खड़ा होना अपना नैतिक एवं धार्मिक दायित्व मानते हैं।”

हालांकि, उन्होंने यह चिंता भी जताई कि इस अभियान से जुड़े लोगों को धन के स्रोत के बारे में अधिकारियों की ओर से फोन किए जा रहे हैं। अंसारी ने कहा, “इस मुश्किल घड़ी में यह भरोसा दिलाना बेहद जरूरी है कि यह सभी दान पूरी तरह मानवीय और धार्मिक उद्देश्य से दिया जा रहा है, ताकि मुश्किल वक्त में ईरान की जनता का सहारा बन सके। लोगों की भावनाएं इससे गहराई से जुड़ी हैं और किसी भी तरह का अनावश्यक दबाव या पूछताछ जनभावना को आहत कर सकती है।”

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