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पंजाब में खैर तस्करी: रोपड़ पुलिस ने छापा मारकर लकड़ी​ भरी गाड़ी पकड़ी, 5 नामजद सहित 6 पर केस दर्ज

VVinita Kohli
पंजाब में खैर तस्करी: रोपड़ पुलिस ने छापा मारकर लकड़ी​ भरी गाड़ी पकड़ी, 5 नामजद सहित 6 पर केस दर्ज
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रोपड़: पंजाब के रोपड़ जिले में पुलिस ने खैर माफिया के खिलाफ गुरुवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध लकड़ी तस्करी के नेटवर्क का खुलासा किया। हरिपुर-बर्दार क्षेत्र में गश्त के दौरान मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने छापा मारा, जहां खैर की अवैध लकड़ी इकट्ठा करने और उसे दूसरे वाहनों में लोड करने का काम चल रहा था। इस मामले में पुलिस ने 5 नामजद आरोपियों सहित 4-5 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। कार्रवाई के दौरान कुछ आरोपी मौके से फरार हो गए, जिससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।

हरिपुर में छापेमारी और खुलासा

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पुलिस को सूचना मिली थी कि हरिपुर इलाके में खैर की अवैध लकड़ी जमा की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर छापा मारा। वहां एक पिकअप गाड़ी खाली खड़ी मिली, जबकि दूसरी पिकअप से सरकारी खैर की लकड़ी एक सफेद कैंटर में लोड की जा रही थी। यह कैंटर हिमाचल नंबर का बताया गया है। इस दौरान पुलिस ने मौके पर मौजूद गतिविधियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन स्थिति अचानक बदल गई।

आरोपियों का विरोध और फरारी

पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद 4-5 लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया और अन्य लोगों को इकट्ठा कर लिया। इसके बाद घर में मौजूद लोगों ने पुलिस टीम के साथ बहस शुरू कर दी, जिससे मौके पर तनाव का माहौल बन गया। इस अफरा-तफरी का फायदा उठाकर आरोपी दो कैंटर और एक पिकअप गाड़ी लेकर फरार हो गए। पुलिस टीम उन्हें पकड़ने में सफल नहीं हो सकी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत आगे की कार्रवाई शुरू की गई।

बर्दार गांव में दूसरी कार्रवाई

इसके बाद पुलिस ने वन विभाग की टीम के साथ मिलकर बर्दार (टांडा) इलाके में एक अन्य घर पर छापा मारा। इस छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में खैर की छीली हुई लकड़ी, उसका छिलका, एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा और पेट्रोल से चलने वाला आरा बरामद किया गया। बरामद सामग्री से यह स्पष्ट हुआ कि यहां बड़े स्तर पर अवैध कटाई और लकड़ी की प्रोसेसिंग की जा रही थी। पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।

वन विभाग की भूमिका पर सवाल

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि बर्दार गांव में वन विभाग का 24 घंटे का नाका मौजूद है, इसके बावजूद इलाके में खैर की अवैध कटाई और लकड़ी के डिपो सक्रिय हैं। यह स्थिति विभाग की निगरानी और कार्रवाई पर सवाल खड़े करती है। लोगों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से यह अवैध गतिविधियां जारी हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

उच्च स्तरीय जांच की मांग

स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जब पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा पेड़ों की कटाई पर सख्त रोक लगाई गई है, तब भी इस तरह की तस्करी जारी रहना गंभीर चिंता का विषय है। लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच जारी है।

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