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CJP Controversy: किरेन रिजिजू के 'पाकिस्तानी कनेक्शन' वाले आरोप पर भड़के अभिजीत दीपके, शेयर किया इंस्टाग्राम का अंदरूनी डेटा

AAmandeep Singh
CJP Controversy: किरेन रिजिजू के 'पाकिस्तानी कनेक्शन' वाले आरोप पर भड़के अभिजीत दीपके, शेयर किया इंस्टाग्राम का अंदरूनी डेटा
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दिल्ली। नीट (NEET) पेपर लीक और युवाओं के मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा करने वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अब पूरी तरह से राजनीतिक अखाड़े का केंद्र बन चुकी है। केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इस डिजिटल कैंपेन को आड़े हाथों लेते हुए एक बेहद गंभीर आरोप लगाया है।

रिजिजू ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि उन्हें उन लोगों पर तरस आता है जो सोशल मीडिया पर पाकिस्तान और जॉर्ज सोरोस के गिरोह के दम पर अपने फॉलोअर्स की संख्या बढ़ाने में जुटे हैं। उन्होंने आगे लिखा कि भारत की आबादी बहुत बड़ी है और यहां के ऊर्जावान युवा ही सच्चे फॉलोअर्स बन सकते हैं, इसलिए किसी भी भारत-विरोधी गिरोह से अपनी लोकप्रियता की मान्यता लेने की कोई जरूरत नहीं है।

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अभिजीत दीपके ने शेयर किया इनसाइट्स; पूछा- भारतीय युवाओं को पाकिस्तानी क्यों बता रहे मंत्री जी?

केंद्रीय मंत्री के इस तीखे प्रहार पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी फ्रंट फुट पर आकर पलटवार किया है। अमेरिका में रहकर पढ़ाई कर रहे दीपके ने सीजेपी के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट का यूजर इनसाइट डेटा सार्वजनिक कर दिया।

दीपके ने एक स्क्रीन रिकॉर्डिंग साझा करते हुए लिखा, “यह हमारे ऑडियंस डेमोग्राफिक्स की वो प्रामाणिक स्क्रीन रिकॉर्डिंग है, जिसे अकाउंट हैक और ब्लॉक होने से पहले हमने मीडिया के साथ साझा किया था। हमारे कुल ट्रैफिक और ऑडियंस का 94 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा शुद्ध रूप से भारत से है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू देश के हक की आवाज उठाने वाले भारतीय युवाओं को पाकिस्तानी का टैग क्यों दे रहे हैं?”

सीजेआई सूर्यकांत के किस बयान पर मचा है देशव्यापी हंगामा?

इस पूरे विवाद की जड़ें 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में हुई एक सुनवाई से जुड़ी हैं। दरअसल, मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की पीठ के सामने दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा एक वकील को ‘सीनियर एडवोकेट’ का दर्जा न दिए जाने के खिलाफ याचिका आई थी। इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कड़ी टिप्पणी की थी कि समाज में पहले से ही ऐसे परजीवी मौजूद हैं जो मौजूदा न्यायिक व्यवस्था पर हमला करते हैं।

सीजेआई ने तीखे शब्दों में कहा था, “कुछ युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जिन्हें न तो कोई रोजगार मिलता है और न ही इस पेशे में कोई जगह। उनमें से कुछ मीडिया में चले जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया पर सक्रिय हो जाते हैं, कुछ आरटीआई (RTI) कार्यकर्ता बन जाते हैं और फिर हर किसी पर कीचड़ उछालना शुरू कर देते हैं।” देश के शीर्ष जज के मुंह से युवाओं के लिए ‘कॉकरोच’ शब्द सुनकर छात्रों और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स ने इसे अपनी अस्मिता से जोड़ लिया और विरोध स्वरूप इस अनोखे डिजिटल आंदोलन का जन्म हुआ।

बीजेपी के भीतर भी दो फाड़; कोई बता रहा विदेशी साजिश तो किसी ने दी संभलने की सलाह

जैसे-जैसे सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का ग्राफ ऊपर चढ़ रहा है, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने इसकी घेराबंदी तेज कर दी है। भाजपा के कई शीर्ष नेताओं का स्पष्ट आरोप है कि युवाओं के असंतोष की आड़ में विदेशी ताकतें देश के माहौल को खराब करने का नैरेटिव सेट कर रही हैं।

हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि इस मुद्दे पर सत्तापक्ष के भीतर भी राय बंटी हुई नजर आ रही है। पार्टी के कुछ अंदरूनी सूत्रों और सहयोगी दलों के नेताओं का मानना है कि युवाओं के भीतर पनप रहे इस आक्रोश को सिर्फ इंटरनेट पर पाबंदियां लगाकर या उन्हें विदेशी बताकर शांत नहीं किया जा सकता। इन नेताओं ने शीर्ष नेतृत्व को सलाह दी है कि इस संवेदनशील मामले को बेहद सावधानी से डील किया जाए ताकि युवाओं के बीच सरकार के खिलाफ कोई गलत संदेश न जाए।

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