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Kisan Mahapanchayat Ramlila Maidan: दिल्ली कूच: रामलीला मैदान में किसानों की महापंचायत आज, भारत-अमेरिका समझौते पर मचेगा बवाल

AAmandeep Singh
दिल्ली कूच: रामलीला मैदान में किसानों की महापंचायत आज, भारत-अमेरिका समझौते पर मचेगा बवाल
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दिल्ली। राजधानी दिल्ली की फिजाओं में एक बार फिर आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। अपनी लंबित मांगों और केंद्र सरकार की नई व्यापार नीतियों के खिलाफ देश का अन्नदाता लामबंद हो रहा है। इस बार महापंचायत का मुख्य एजेंडा भारत और अमेरिका के बीच हुआ वह व्यापार समझौता है, जिसे लेकर किसान संगठनों में गहरा आक्रोश है। किसान नेताओं का सीधा आरोप है कि सरकार एक तरफ देश के किसानों की फसलें सही दाम पर नहीं खरीद रही, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका से कृषि उत्पादों के आयात का रास्ता साफ कर रही है। किसानों का मानना है कि यह समझौता ग्रामीण अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ देगा।

“विदेशी फसलों से सजेगी थाली, तो खाली रहेगा किसान का हाथ”

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गन्नौर (सोनीपत) से दिल्ली के लिए रवाना होते समय किसान नेता वीरेंद्र पहल ने तीखे शब्दों में सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “सरकार एक तरफ आत्मनिर्भर भारत का नारा देती है और दूसरी तरफ अमेरिका के साथ ऐसे समझौते करती है जिससे हमारे खेतों की उपज मिट्टी के मोल बिकेगी। हम इस समझौते को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे।” किसानों का तर्क है कि विदेशी आयात बढ़ने से स्थानीय मंडियां धराशायी हो जाएंगी। इसी मांग को लेकर आज देशभर के अलग-अलग राज्यों से हजारों किसान रामलीला मैदान पहुंच रहे हैं, जहां जगजीत सिंह दल्लेवाल और अन्य वरिष्ठ नेता भविष्य की रणनीति का एलान करेंगे।

एमएसपी की कानूनी गारंटी: अधर में लटका पुराना वादा

व्यापार समझौते के अलावा, एमएसपी की कानूनी गारंटी का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। किसानों का कहना है कि पिछले आंदोलनों के दौरान सरकार ने जो वादे किए थे, वे अब तक कागजों से बाहर नहीं निकले हैं। महापंचायत के जरिए किसान सरकार को यह संदेश देना चाहते हैं कि अगर एमएसपी पर तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए गए और अमेरिका से हुआ समझौता रद्द नहीं किया गया, तो वे एक और लंबे और बड़े आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। इसके लिए पिछले कई हफ्तों से गांवों में जन-जागरण अभियान चलाकर किसानों को लामबंद किया गया है।

दिल्ली की सीमाओं पर चौकसी, गन्नौर से चला काफिला

आज सुबह सोनीपत के गन्नौर से किसानों का एक बड़ा काफिला निजी गाड़ियों और बसों के जरिए दिल्ली की ओर रवाना हुआ। किसान अपने साथ राशन और जरूरी सामान लेकर चले हैं, जो किसी लंबे संघर्ष का संकेत दे रहा है। इधर, दिल्ली पुलिस ने भी रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मध्य दिल्ली में कई जगहों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया है। महापंचायत में शामिल होने आ रहे नेताओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखेंगे, लेकिन सरकार की बेरुखी उन्हें कड़े फैसले लेने पर मजबूर कर सकती है।

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