Kurukshetra news: धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के नए बस स्टैंड पर शुक्रवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कैथल-पुंडरी रूट के टाइम टेबल को लेकर रोडवेज कर्मचारियों और निजी बस संचालकों के बीच ठन गई। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक के बाद रोडवेज कर्मियों ने विरोधस्वरूप बस स्टैंड का मुख्य गेट ही बंद कर दिया और चक्का जाम कर दिया। इस अचानक हुए आंदोलन के कारण परिसर के भीतर और बाहर बसों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे सफर करने वाले आम मुसाफिर पूरे दिन खासे परेशान होते रहे।
क्या है विवाद की असल जड़?
इस पूरे हंगामे के केंद्र में कैथल आरटीओ की ओर से हाल ही में जारी की गई नई समय सारणी (टाइम टेबल) है। हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों का आरोप है कि इस नई व्यवस्था में सोची-समझी रणनीति के तहत सरकारी बसों के फेरों की संख्या में कटौती कर दी गई है, जबकि निजी बस ऑपरेटरों को लाभ पहुंचाने के लिए उनके फेरे बढ़ा दिए गए हैं। कर्मचारियों का साफ कहना है कि इससे न सिर्फ सरकारी महकमे को राजस्व का बड़ा नुकसान होगा, बल्कि परिवहन सेवाओं की रीढ़ भी कमजोर होगी।
रोडवेज यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता रंजीत सिंह ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि सरकारी बसों के हितों की अनदेखी कर अधिकारियों और निजी बस संचालकों के बीच मिलीभगत से यह नई सारणी थोपी गई है। यूनियन ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि नियमों को ताक पर रखकर पुरानी व्यवस्था को बदला गया, तो कर्मचारी इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
आमने-सामने आए रोडवेज कर्मी और निजी संचालक
विवाद तब और भड़क गया जब निजी बस चालकों ने नई समय सारणी के मुताबिक अपनी गाड़ियां रूट पर लगानी चाही। आक्रोशित रोडवेज कर्मचारियों ने उन बसों के आगे खड़े होकर उनका रास्ता रोक दिया और उन्हें आगे बढ़ने से मना कर दिया। स्थिति तनावपूर्ण होते देख कर्मचारियों ने गोलबंद होकर बस स्टैंड के मुख्य द्वारों को बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए।
दूसरी ओर, निजी बस मालिकों का अपना पक्ष है। निजी संचालक परवीन कुमार का कहना है कि वे किसी नियम का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं, बल्कि आरटीओ की तरफ से जारी आधिकारिक आदेशों और तय समय सारणी के अनुसार ही अपनी बसों का संचालन कर रहे हैं। उनका तर्क है कि जब उन्हें प्रशासन से वैध अनुमति मिली हुई है, तो उनकी गाड़ियों को जबरन रोकना और समय पर रवाना न होने देना पूरी तरह से गलत है।
समाधान की आस में फंसे यात्री
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच सबसे ज्यादा पिसना आम जनता को पड़ा। सुबह से ही सफर के लिए पहुंचे यात्री कुरुक्षेत्र बस स्टैंड पर इधर-उधर भटकते नजर आए। समाचार लिखे जाने तक रोडवेज कर्मचारी इस बात पर अड़े हुए थे कि जब तक उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचकर इस मनमानी समय सारणी का कोई ठोस और निष्पक्ष समाधान नहीं निकालते, तब तक जाम नहीं खुलेगा। फिलहाल, प्रशासनिक अधिकारियों के दखल के बाद ही इस गतिरोध के टूटने की उम्मीद जताई जा रही है।
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