लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिला अदालत परिसर में बुधवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब पब्लिक लिफ्ट तकनीकी खराबी के कारण अचानक बीच में रुक गई और उसमें 17 लोग फंस गए। इनमें 2 वकील और 1 पुलिसकर्मी भी शामिल थे। लिफ्ट का गेट फ्लोर से करीब एक फीट नीचे अटक गया, जिससे अंदर फंसे लोग करीब 20 मिनट तक बाहर निकलने के लिए मदद मांगते रहे। घटना के दौरान कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार लिफ्ट अचानक खराब होकर मंजिलों के बीच रुक गई, जिससे उसमें मौजूद सभी लोग अंदर ही फंस गए। लिफ्ट का दरवाजा सही तरीके से नहीं खुल पा रहा था और अंदर मौजूद लोग लगातार मदद के लिए आवाज लगाते रहे। करीब 20 मिनट तक कोई तकनीकी टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
वकीलों ने संभाली जिम्मेदारी
इस दौरान बाहर मौजूद एडवोकेट परमिंदर सिंह कुक्की और एडवोकेट राहुल शर्मा ने तुरंत पहल की। उन्होंने बिना देरी किए सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर लिफ्ट का दरवाजा खोलने का प्रयास शुरू किया। दोनों वकीलों ने साहस दिखाते हुए गेट को जबरन खोलने में सफलता पाई और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया।
ऐसे किया रेस्क्यू
लिफ्ट का गेट फ्लोर से करीब एक फीट नीचे अटका हुआ था, जिससे लोगों को बाहर निकालना आसान नहीं था। वकीलों और सुरक्षाकर्मियों ने मिलकर एक-एक कर लोगों को खींचकर बाहर निकाला। इस दौरान सावधानी बरती गई ताकि किसी को चोट न पहुंचे। कुछ ही समय में सभी 17 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
टला बड़ा हादसा
इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर थोड़ी भी देर होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। अंदर फंसे लोग घबराए हुए थे और बाहर निकलने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली।
मेंटेनेंस पर उठे सवाल
घटना के बाद जिला अदालत परिसर में लिफ्ट की मेंटेनेंस व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की तकनीकी खराबी गंभीर खतरा बन सकती है। प्रशासन से लिफ्टों की नियमित जांच और रखरखाव सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।
