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महाराष्ट्र में वर्ष 2025 में 41 बाघों की मौत दर्ज की गई: मंत्री

JJagmarg Desk
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मुंबई: महाराष्ट्र में वर्ष 2025 में कुल 41 बाघों की मौत दर्ज की गई जिनमें से अधिकांश की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई। यह जानकारी राज्य के एक मंत्री ने बुधवार को विधानसभा में दी। राज्य के वन मंत्री गणेश नाईक ने बताया कि सरकार दुर्घटनाओं, बिजली के करंट और शिकार के कारण बाघों की मृत्यु को रोकने के लिए प्रयास तेज कर रही है।

मंत्री द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, मरने वाले 41 बाघों में से 28 की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से, आठ की दुर्घटनाओं से, चार की बिजली के करंट से और एक की शिकार के कारण हुई। मंत्री ने बल्लारशाह-गोंडिया रेलवे लाइन की संवेदनशीलता पर प्रकाश डाला, जो राज्य के कई वन प्रभागों और ताडोबा-अंधारी और नवेगांव-नागजीरा बाघ अभ्यारण्यों के संवेदनशील बफर जोन से होकर गुजरती है।

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उन्होंने बताया कि आंकड़ों से पता चलता है कि वर्ष 2011 से 2025 के बीच इस विशेष रेलवे मार्ग पर पांच बाघों की जान गई। नाईक ने अपने जवाब में कहा कि रेलवे दुर्घटनाओं में जंगली जानवरों की मौत को रोकने के लिए, चंद्रपुर के मुख्य वन संरक्षक (क्षेत्रीय) ने विशिष्ट सुरक्षा उपायों को लागू करने के लिए रेलवे विभाग से औपचारिक रूप से संवाद किया है।

नाईक ने कहा कि ‘स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स’ (एसटीपीएफ) और श्वान दस्ते की तैनाती पर विचार किया जा रहा है।

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