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मोहाली के मेजर अर्शदीप सिंह गिल को मिला कीर्ति चक्र, मणिपुर ऑपरेशन में दिखाई अदम्य वीरता, पंजाब के बेटे ने बढ़ाया मान

VVinita Kohli
मोहाली के मेजर अर्शदीप सिंह गिल को मिला कीर्ति चक्र, मणिपुर ऑपरेशन में दिखाई अदम्य वीरता, पंजाब के बेटे ने बढ़ाया मान
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मोहाली: पंजाब के मोहाली जिले के सेक्टर-79 निवासी भारतीय सेना के अधिकारी मेजर अर्शदीप सिंह गिल को देश के दूसरे सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार ‘कीर्ति चक्र’ से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। मेजर गिल को यह पुरस्कार मणिपुर में उग्रवादियों के खिलाफ चलाए गए एक बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण सैन्य अभियान में असाधारण साहस, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए दिया गया है। इस सम्मान के बाद मोहाली समेत पूरे पंजाब में गर्व और उत्साह का माहौल है।

मणिपुर में 84 घंटे तक चला चुनौतीपूर्ण अभियान

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मेजर अर्शदीप सिंह गिल ने मणिपुर में उग्रवादियों के खिलाफ चलाए गए काउंटर-इंसरजेंसी ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह अभियान लगभग 84 घंटे यानी साढ़े तीन दिन तक लगातार चला। ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और गंभीर सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद मेजर गिल ने अग्रिम मोर्चे पर रहकर अपनी टीम का नेतृत्व किया और मिशन को सफल बनाने में अहम योगदान दिया।

सैन्य सूत्रों के अनुसार अभियान के दौरान मेजर गिल ने असाधारण पेशेवर कौशल, त्वरित निर्णय क्षमता और अदम्य साहस का परिचय दिया। चुनौतीपूर्ण हालात में भी उन्होंने अपने जवानों का मनोबल बनाए रखा और ऑपरेशन को प्रभावी ढंग से संचालित किया। उनकी बहादुरी और नेतृत्व क्षमता के कारण सुरक्षा बलों को अभियान में सफलता मिली। यही वजह है कि उन्हें देश के प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कारों में शामिल कीर्ति चक्र के लिए चुना गया।

द आर्मर्ड कॉर्प्स के अधिकारी, 1 असम राइफल्स में तैनात

मेजर अर्शदीप सिंह गिल भारतीय सेना की ‘द आर्मर्ड कॉर्प्स’ शाखा के अधिकारी हैं। वर्तमान में वे ‘1 असम राइफल्स’ के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। असम राइफल्स देश के पूर्वोत्तर राज्यों में आंतरिक सुरक्षा और सीमा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण अभियानों में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में तैनाती के दौरान मेजर गिल ने अपने कर्तव्यों का उत्कृष्ट निर्वहन किया है।

सम्मान की घोषणा और अलंकरण समारोह के बाद मोहाली स्थित मेजर गिल के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिवार, मित्रों और स्थानीय लोगों ने उनकी उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया। पंजाब के विभिन्न हिस्सों से भी उन्हें शुभकामनाएं मिलीं। लोगों का मानना है कि उनकी यह उपलब्धि राज्य के युवाओं को देश सेवा और सेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगी।

युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण

रक्षा विशेषज्ञों और पूर्व सैन्य अधिकारियों ने मेजर गिल की उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया है। उनका कहना है कि कठिन परिस्थितियों में दिखाया गया साहस और नेतृत्व देशभक्ति की सच्ची मिसाल है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि होते हैं, बल्कि वे पूरे समाज को कर्तव्य, समर्पण और राष्ट्र सेवा के मूल्यों की याद दिलाते हैं।

क्या है कीर्ति चक्र?

कीर्ति चक्र भारत का दूसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है। यह सम्मान असाधारण वीरता, साहस या आत्मबलिदान के लिए प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार सेना, नौसेना, वायुसेना, अर्धसैनिक बलों के जवानों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी दिया जा सकता है। वीरता पुरस्कारों की श्रेणी में इसकी वरीयता ‘अशोक चक्र’ के बाद आती है और इसे देश के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में गिना जाता है।

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