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Punjab News: पंजाब के सरकारी डॉक्टरों को बड़ी राहत, क्रेडिट ऑवर्स फीस माफ, अब स्टेट ट्रेनिंग से ही होगा रजिस्ट्रेशन रिन्यू

VVinita Kohli
Punjab News: पंजाब के सरकारी डॉक्टरों को बड़ी राहत, क्रेडिट ऑवर्स फीस माफ, अब स्टेट ट्रेनिंग से ही होगा रजिस्ट्रेशन रिन्यू
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चंडीगढ़: पंजाब सरकार और पंजाब मेडिकल काउंसिल (PMC) ने राज्य के 4,000 से अधिक सरकारी डॉक्टरों को बड़ी राहत दी है। नए फैसले के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित सभी सरकारी ट्रेनिंग और वर्कशॉप के लिए क्रेडिट ऑवर्स फीस पूरी तरह माफ कर दी गई है। इससे पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज (PCMS) कैडर के डॉक्टरों को रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराने के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। अब डॉक्टरों को आवश्यक क्रेडिट ऑवर्स प्राप्त करने के लिए निजी संस्थानों द्वारा आयोजित महंगे सेमिनारों या प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने की जरूरत नहीं होगी। स्वास्थ्य विभाग की मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग और वर्कशॉप ही इस उद्देश्य को पूरा करेंगी।

सरकारी ट्रेनिंग से ही मिलेंगे क्रेडिट ऑवर्स

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नए निर्णय के अनुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित सभी स्टेट ट्रेनिंग, वर्कशॉप और क्षमता निर्माण कार्यक्रम (Capacity Building Programmes) अब PMC क्रेडिट ऑवर्स के लिए पात्र माने जाएंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन कार्यक्रमों के लिए डॉक्टरों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य डॉक्टरों को प्रशिक्षण प्रक्रिया से जोड़ने के साथ-साथ सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना भी है।

पंजाब मेडिकल काउंसिल के नियमों के अनुसार डॉक्टरों को अपना रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण (Renewal) कराने के लिए पांच वर्षों में 50 क्रेडिट ऑवर्स अर्जित करना अनिवार्य होता है। पहले इसके लिए कई डॉक्टरों को निजी कार्यक्रमों में भाग लेना पड़ता था, जिस पर अतिरिक्त खर्च आता था। अब सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से ही यह शर्त पूरी की जा सकेगी। इससे डॉक्टरों का समय और पैसा दोनों बचेंगे तथा रिन्यूअल प्रक्रिया अधिक सुगम बनेगी।

स्वास्थ्य विभाग की ट्रेनिंग को मिलेगी नई पहचान

इस फैसले से राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी औपचारिक मान्यता मिलेगी। विभिन्न विषयों पर आयोजित वर्कशॉप, स्किल डेवलपमेंट सेशन और क्षमता निर्माण कार्यक्रम अब केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि डॉक्टरों के पेशेवर विकास और लाइसेंस नवीनीकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में प्रशिक्षण संस्कृति को और मजबूती मिलेगी।

पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (PCMSA) के अनुसार इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जल्द जारी की जाएगी। SOP में यह स्पष्ट किया जाएगा कि डॉक्टर क्रेडिट ऑवर्स का दावा किस प्रक्रिया के तहत करेंगे और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का रिकॉर्ड किस प्रकार रखा जाएगा। इससे भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक परेशानी नहीं होगी।

PCMSA ने जताया आभार

फैसले के बाद पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन ने स्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (PSHFW) और डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज (DHS) का धन्यवाद किया है। एसोसिएशन ने कहा कि यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी और अब इसके लागू होने से हजारों सरकारी डॉक्टरों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही पंजाब मेडिकल काउंसिल का भी आभार व्यक्त किया गया, जिसने इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से डॉक्टरों की पेशेवर दक्षता बढ़ाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भागीदारी बढ़ेगी। साथ ही सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में भी मदद मिलेगी। पंजाब सरकार का यह कदम न केवल डॉक्टरों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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