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तपा ट्रक यूनियन में विजिलेंस की बड़ी छापेमारी: भारत राइस योजना में करोड़ों के घोटाले का शक, दस्तावेजों की जांच शुरू

JJagmarg Desk
Barnala News: तपा ट्रक यूनियन में विजिलेंस की बड़ी छापेमारी: 'भारत राइस' योजना में करोड़ों के घोटाले का शक, दस्तावेजों की जांच शुरू
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तपा/बरनाला (Barnala News): पंजाब के बरनाला जिले के अंतर्गत आते तपा में आज सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब विजिलेंस विभाग की एक विशेष टीम ने स्थानीय ट्रक यूनियन पर अचानक छापा मारा। यह कार्रवाई केंद्र सरकार की ‘भारत राइस’ योजना के तहत चावल की ढुलाई में हुए कथित बड़े घोटाले की जांच के सिलसिले में की गई है।


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क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार की ‘भारत राइस’ योजना का उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सस्ती दरों पर चावल उपलब्ध कराना है। इसके तहत सरकारी एजेंसियों द्वारा चावल खरीदकर, पैकिंग के बाद सहकारी समितियों और सरकारी दुकानों तक पहुँचाया जाना था।

आरोप है कि पिछले तीन वर्षों के दौरान निजी व्यापारियों ने मिलीभगत कर सरकार से सस्ते दामों पर चावल के रिलीज़ ऑर्डर प्राप्त किए। कागजों में इन चावलों को निर्धारित सरकारी केंद्रों तक पहुँचाया गया दिखाया गया। असल में चावल से भरे ये ट्रक अपनी मंजिल तक पहुँचने के बजाय खुले बाजार (ओपन मार्केट) में ऊंचे दामों पर बेच दिए गए।


विजिलेंस की रडार पर परिवहन रिकॉर्ड

आज सुबह जब विजिलेंस की टीम यूनियन परिसर पहुँची, तो वहां मौजूद ट्रक मालिकों, ड्राइवरों और कंडक्टरों में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों ने पिछले कुछ वर्षों के ढुलाई दस्तावेज, बिल और रूट मैप को अपने कब्जे में ले लिया है।


अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका

इस पूरे खेल में कुछ सरकारी अधिकारियों और विभाग के कर्मचारियों की संलिप्तता की भी चर्चा जोरों पर है। आरोप है कि अधिकारियों की शह के बिना इतने बड़े स्तर पर चावल को खुले बाजार में खपाना मुमकिन नहीं था।


मौके पर मौजूद विजिलेंस अधिकारी गुरमेल सिंह ने बताया कि विभाग को इस योजना में बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायतें मिल रही थीं। “हमने चावल की ढुलाई से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। गहन जांच के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। यदि कोई भी अधिकारी, व्यापारी या ट्रक ऑपरेटर दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” – गुरमेल सिंह 


माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस जांच की आंच कई बड़े नामों तक पहुँच सकती है।

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