MDU Hostel Controversy: हरियाणा के रोहतक स्थित महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (Maharshi Dayanand University Rohtak) का कैंपस देर रात नारों की गूंज और छात्रों के भारी आक्रोश का गवाह बना। हॉस्टल प्रबंधन की कथित तानाशाही और भारी-भरकम जुर्माने की कार्रवाई से आजिज़ आकर विभिन्न हॉस्टलों के हजारों छात्र आधी रात को सड़कों पर उतर आए। गुस्साए छात्रों ने सीधे कुलपति (VC) आवास का रुख किया और प्रशासनिक कार्यशैली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन इतना उग्र था कि छात्र वीसी हाउस के मुख्य द्वार और बाउंड्री वॉल पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे।
पूरे विवाद की जड़ हॉस्टल में रहने वाले छात्रों पर लगाया जा रहा अजीबोगरीब जुर्माना है। भीषण गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए कमरे में कूलर लगाने पर छात्रों से ₹2,000 का जुर्माना वसूला जा रहा है। (MDU VC House Gherao) हद तो तब हो गई जब किसी दूसरे हॉस्टल में अपने दोस्त से मिलने जाने वाले छात्रों पर भी ₹1,000 का फाइन ठोक दिया गया। चीफ वार्डन प्रो. सुधीर द्वारा पिछले कई दिनों से देर रात मारी जा रही रेड और जुर्माने की रसीदें काटने से छात्रों में असंतोष चरम पर पहुंच गया था।
छात्रों का तंज: ‘वार्डन के एसी का बिल हम भरें और खुद हवा को भी तरसें’
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे इनसो (MDU Chief Warden Fine Issue) के प्रदेशाध्यक्ष दीपक मलिक ने यूनिवर्सिटी प्रशासन की दोहरी नीति पर सीधे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में रह रहे सामान्य परिवारों के बच्चों का शोषण किया जा रहा है। वार्डन के कमरों में चलने वाले एयर कंडीशनर (AC) का बिल भी आखिरकार छात्रों की फीस और हॉस्टल फंड से ही जाता है। ऐसे में जब छात्र अपने पैसों से कूलर लाकर राहत पाना चाहते हैं, तो उन पर प्रशासनिक डंडा चलाया जा रहा है।
छात्र नेताओं ने साफ किया कि चीफ वार्डन का रवैया लगातार प्रताड़ित करने वाला रहा है। देर रात हॉस्टलों में चेकिंग के नाम पर छात्रों को बेवजह परेशान किया जाता है। एक हॉस्टल का छात्र दूसरे हॉस्टल में रहने वाले अपने सहपाठी से मिलने भी नहीं जा सकता, यह किसी जेल से कम पाबंदी नहीं है। इसी घुटन और तानाशाही के विरोध में सभी हॉस्टलों के लड़के एक होकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए।
रजिस्ट्रार ने संभाली कमान, 22 सदस्यीय कमेटी के गठन पर बनी सहमति
हंगामे और भारी विरोध प्रदर्शन की खबर मिलते ही यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो. संदीप बंसल आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। उन्होंने उग्र छात्रों को समझाने और स्थिति को नियंत्रण में लेने का प्रयास किया। काफी देर चली बातचीत के बाद रजिस्ट्रार ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनके साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
रजिस्ट्रार प्रो. संदीप बंसल ने छात्रों के समक्ष प्रस्ताव रखा कि इस पूरे मामले और हॉस्टल की तमाम समस्याओं के समाधान के लिए उनकी अध्यक्षता में एक 22 सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी। इस कमेटी में छात्र प्रतिनिधियों और छात्र नेताओं को भी शामिल किया जाएगा, ताकि दोनों पक्षों की रजामंदी से नियम तय हो सकें।
चेतावनी के साथ लौटे छात्र: ‘रात 8 बजे के बाद चीफ वार्डन को नहीं घुसने देंगे’
रजिस्ट्रार के इस ठोस आश्वासन के बाद देर रात छात्र वीसी हाउस से हटने को राजी हुए। हालांकि, वापस लौटते वक्त छात्रों और छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन को सख्त लहजे में चेतावनी भी दी। (INSO Deepak Malik MDU) दीपक मलिक ने कहा कि यदि नाजायज तरीके से लगाए गए जुर्माने को तुरंत वापस नहीं लिया गया और तुगलकी फरमान बंद नहीं हुए, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
छात्रों ने स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि अगर रात 8 बजे के बाद चीफ वार्डन ने चेकिंग के नाम पर हॉस्टलों में दाखिल होने की कोशिश की, तो उन्हें मुख्य गेट पर ही रोक दिया जाएगा। फिलहाल रजिस्ट्रार के दखल के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस में तनावपूर्ण शांति है, लेकिन सभी की नजरें अब 22 सदस्यीय कमेटी के फैसलों पर टिकी हुई हैं।
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