बरनाला: विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने थाना धनौला के एसएचओ के खिलाफ केवल निलंबन और लाइन हाजिर की कार्रवाई को नाकाफी बताते हुए पुलिस प्रशासन के प्रति कड़ा रोष व्यक्त किया है।
रेस्ट हाउस बरनाला में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि राजगढ़ गांव के घटनाक्रम में एसएचओ द्वारा महिलाओं के साथ की गई बदसलूकी की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद है, इसके बावजूद उच्च पुलिस अधिकारी दोषी अधिकारी को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक ने मांग की है कि एसएचओ पर केवल विभागीय कार्रवाई के बजाय सख्त धाराओं के तहत मुकदमा (परचा) दर्ज किया जाना चाहिए।
मामले की पृष्ठभूमि साझा करते हुए विधायक ढिल्लों ने बताया कि गांव राजगढ़ में एक गली निर्माण के विवाद के दौरान थाना धनौला के एसएचओ लखबीर सिंह सिविल वर्दी में मौके पर पहुंचे थे।
आरोप है कि उन्होंने वहां मौजूद मनजिंदर सिंह के परिवार की महिलाओं के खिलाफ अत्यंत अश्लील और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस अपमान को सहन न कर पाने के कारण युवक मनजिंदर सिंह ने जहरीली स्प्रे पीकर आत्महत्या का प्रयास किया, जो फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन है।
विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने महज औपचारिकता पूरी करने के लिए एक पंचायत सदस्य पर तो मामला दर्ज कर लिया, लेकिन उस मुख्य अधिकारी को छोड़ दिया जिसके व्यवहार के कारण एक युवक को जान देने जैसा खतरनाक कदम उठाना पड़ा।
सत्ताधारी दल पर तीखा हमला बोलते हुए विधायक ढिल्लों ने कहा कि स्थानीय नेताओं ने थानों को अपनी ‘दुकानें’ बना लिया है। उन्होंने पुलिस अफसरों को ‘कमाऊ पूत’ की संज्ञा देते हुए कहा कि इन अधिकारियों को सत्ता का पूरा संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते वे आम जनता के साथ सरेआम धक्केशाही और दुर्व्यवहार कर रहे हैं।
विधायक के अनुसार, एसएचओ धनौला के खिलाफ पहले भी कई गांवों से बदसलूकी की शिकायतें जिला पुलिस प्रमुख के पास पहुंची थीं, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण उनके खिलाफ कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
विधायक ने इस दौरान पंजाब महिला आयोग और एससी आयोग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि ये संस्थाएं अब पूरी तरह से सत्ताधारियों की ‘कठपुतली’ बन चुकी हैं, जिन्हें राजगढ़ की पीड़ित महिलाओं के आंसू और उनका अपमान दिखाई नहीं दे रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन्ही सत्ताधारी नेताओं के इशारे पर जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ लगातार झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए विधायक ढिल्लों ने चेतावनी दी कि यदि अगले दो दिनों के भीतर संबंधित एसएचओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी।
उन्होंने घोषणा की कि न्याय की मांग को लेकर पार्टी सड़कों पर उतरेगी और व्यापक स्तर पर रोष प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही उन्होंने सत्ताधारी नेताओं को आगाह किया कि सरकार के पास अब केवल छह महीने का समय शेष है, जिसके बाद उन्हें जनता के बीच अपने किए का हिसाब देना होगा।

