Mohali Candle March: पंजाब के मानसा जिले में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में मोहाली के फेस-5 में कैंडल मार्च निकाला गया। पंजाब प्रदेश कांग्रेस महिला अध्यक्ष बलजीत कौर की अगुवाई में हुए इस मार्च में मौजूदा पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के दौरान नशे के बढ़ते कारोबार, कानून-व्यवस्था और नशा तस्करों के खिलाफ बोलने वाले लोगों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया। मार्च के जरिए कांग्रेस नेताओं ने झोटा को श्रद्धांजलि देते हुए मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा पर सवाल
कैंडल मार्च की अगुवाई करते हुए बलजीत कौर ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि नशे का असर प्रदेश के परिवारों और युवाओं पर पड़ रहा है। कई परिवार अपने बच्चों को नशे की लत से बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से इस समस्या से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। बलजीत कौर ने कहा कि सबसे गंभीर बात यह है कि नशे और नशा तस्करों के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को भी अपनी जान गंवानी पड़ रही है। उनके मुताबिक, परमिंदर सिंह झोटा की हत्या ने आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर सरकार से क्या उम्मीद की जा सकती है।
दोषियों को सख्त सजा देने और निष्पक्ष जांच की मांग
बलजीत कौर ने परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में जिन लोगों की जिम्मेदारी सामने आए, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच पर जोर देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं में जवाबदेही तय करना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति को इस तरह की वारदात का सामना न करना पड़े। कांग्रेस महिला अध्यक्ष ने झोटा के घर और दुकान को तोड़े जाने की कथित घटना पर भी रोष जताया। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि, घर और दुकान तोड़े जाने की घटना को लेकर लगाए गए आरोपों तथा हत्या के मामले में जांच की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
2027 में कांग्रेस सरकार बनने का दावा
बलजीत कौर ने पंजाब की मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि प्रदेश की जनता नशे की समस्या और बिगड़ते हालात से परेशान है। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनेगी। उनके मुताबिक, कांग्रेस की सरकार बनने पर नशे का खात्मा प्राथमिकता होगी और नशा तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे से बचाना और परिवारों को बिखरने से रोकना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। उन्होंने मौजूदा सरकार से मांग की कि वह केवल घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि नशे के कारोबार पर रोक लगाने और इससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे। मोहाली में निकाले गए इस कैंडल मार्च के जरिए कांग्रेस ने नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई, आम नागरिकों की सुरक्षा और परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में दोषियों को सजा देने की मांग उठाई। मार्च में उठाए गए मुद्दों के केंद्र में यह सवाल रहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए और प्रदेश में नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए क्या कार्रवाई की जाए।

