Mohali Crime News: मोहाली के फेज-11 में मंगलवार सुबह एक रिटायर्ड एक्साइज एंड टैक्सेशन ऑफिसर गुरमुख सिंह की मौत का मामला सामने आया। 75 वर्षीय गुरमुख सिंह का जला हुआ शव उनके घर के बेडरूम में बेड पर मिला। पुलिस के अनुसार, आग केवल सोने वाले कमरे तक सीमित रही और घर का बाकी सामान सुरक्षित रहा। फेज-11 थाने के प्रभारी अमनदीप सिंह ने बताया कि पुलिस को सुबह करीब 7 बजे कोठी नंबर-2414 में आग लगने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो कमरे में गुरमुख सिंह का शव पड़ा था। इसके बाद फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से जरूरी सैंपल एकत्र किए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मॉर्च्युरी में रखवा दिया। मामले में आगे की कार्रवाई पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के आधार पर की जा रही है। आग कैसे लगी, इसका पता रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
मौके से मिला सुसाइड नोट, हैंडराइटिंग की जांच कर रही पुलिस
पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिस पर गुरमुख सिंह के हस्ताक्षर बताए गए हैं। नोट में उन्होंने अपने शरीर और दिमाग के कमजोर होने का जिक्र किया था। पुलिस अब नोट की हैंडराइटिंग की जांच कर रही है, ताकि उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि की जा सके। थाना प्रभारी के मुताबिक, गुरमुख सिंह करीब 10 साल से इस मकान में अकेले रह रहे थे। उनके दोनों बेटे कनाडा में रहते हैं। पुलिस ने परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। मृतक के भाई और बहन भी सूचना मिलने के बाद पुलिस स्टेशन पहुंचे। पुलिस के अनुसार, गुरमुख सिंह की पत्नी की मौत वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान हुई थी। इसके बाद से वह परेशान रहने लगे थे और मेडिटेशन के जरिए उनका इलाज भी चल रहा था। हालांकि, पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और अभी किसी एक कारण को अंतिम रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।
पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू की है। परिवार ने किसी व्यक्ति पर शक नहीं जताया है। पुलिस के मुताबिक, शव का पोस्टमॉर्टम बुधवार को करवाया जाना था। जांच में आग लगने की परिस्थितियों, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और सुसाइड नोट की पड़ताल की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आग लगने के कारणों के बारे में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

