मोहाली: मोहाली शहर में पहले स्टरीट वैंडरों पर मौजूदा सरकार और नगर निगम की ओर से की गई कार्रवाही का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि दूसरी ओर अब पंजाब मंडी बोर्ड के अधीन लगने वाली किसान मंडियों में सब्जि व अन्य समान की विक्री करने वाले लोगों/ दूकानदारों ने जारी एक पफरमान के खिलाफ अपना रोष जाहिर करना शुरू कर दिया है और चेतावनी देते हुए यह भी कहा है कि यदि जारी फरमान वापस न लिया गया व मौजूदा ठेकेदार के द्वारा दूकानदारों को तंग परेशान करना बंद न किया गया तो वह संघर्ष के साथ-साथ कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाने के लिए मजबूर हो जाएगें।
उपरोक्त विचार आज मोहाली के फेस-3बी2 रोजगार्ड में भारी संख्या में मोहाली अपनी मंडी यूनियन के बैनर तले इक्टठे हुए सब्जि/फल विक्रेता के अलावा अन्य समानों की दूकान लगाने वाले दूकानदारों का आरोप था कि पंजाब मंडी बोर्ड की ओर से किसान मंडियों का ठेका लेने वाले मौजूदा ठेकेदार को यह भी टैंडर अलॉट कर दिया गया है कि वो विक्रेताओं से अब टेबल, छतरी, दरी आदि के पैसे भी अपने तरीके से वसूल करे और अपनी ओर से दूकानदारों को दिया जाए। जबकि इससे पहले इतने सालों में कभी भी ऐसा फरमान जारी नहीं हुआ है।
मोहाली में आयोजित प्रैसवार्ता के दौरान यूनियन के पदाधिकारी जिसमें बलदेव सिंह मन्नू प्रधान, दविंदर सिंह,मनदीप सिंह, भूरा, रामनरेश, सीमा कुमार, किशन कुमार, जसविंदर कौर के अलावा अन्य दूकानदारों का कहना है कि पंजाब मंडी बोर्ड की ओर से अभी तक मोहाली शहर में विभिन्न जगहों पर लगने वाली किसान मंडियों में मौजूदा ठेकेदार को सिर्फ तीन चीजे उपलब्ध करवाने को कहा जाता था जिसमें मंडी की सफाई करवाना, पीने के लिए पानी का टैंकर और सब्जियों के रेट लिखने और मंडी बोर्ड के अधिकारियों के बैठने के लिए एक टैंट की व्यवास्था करना, लेकिन इसके बावजूद वह बकायदेतौर पर पफीस दे रहे हैं और अपनी दूकानदारी कर रहे हैं,लेकिन नए जारी फरमान ने उनकी नींद उडा दी है और उनकी रोजी-रोटी छिनने का भय सता रहा है।

