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Mohali News: अंडर-19 स्टेट लेवल स्कूल क्रिकेट टूर्नामेंट विवादों में, धांधली और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

VVinita Kohli
Mohali News: अंडर-19 स्टेट लेवल स्कूल क्रिकेट टूर्नामेंट विवादों में, धांधली और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
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मोहाली: पंजाब स्कूल गेम्स के तहत 16 अक्टूबर 2025 को मोगा के गांव समाध भाई (बाघा पुराना) में हुए अंडर-19 गर्ल्स स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट में बड़े पैमाने पर धांधली और नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए हैं। खिलाड़ियों के माता-पिता, कोच और समाजसेवी संगठनों ने स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के अधिकारियों और सिलेक्टर्स पर भ्रष्टाचार और पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए हैं और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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उम्र में हेरफेर के बावजूद खिलाड़ी खेला

शिकायत करने वालों के मुताबिक, बठिंडा और फरीदकोट के बीच खेले गए फाइनल मैच में बठिंडा की खिलाड़ी ‘रिया’ की उम्र को लेकर पक्के सबूत पेश किए गए थे। बताया गया है कि उस खिलाड़ी पर बीसीसीआई ने नकली डॉक्यूमेंट्स की वजह से दो साल का बैन भी लगाया है। लेकिन टूर्नामेंट कमिटी ने सारे सबूतों को नज़रअंदाज़ करके उसे मैच खेलने दिया, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।


गैर-कानूनी अंपायरिंग और पक्षपातपूर्ण फैसले

आरोप है कि फाइनल मैच के दौरान लखविंदर सिंह बराड़ नाम के एक व्यक्ति ने चीफ अंपायर की ड्यूटी की, जबकि एजुकेशन डिपार्टमेंट ने उसे ऐसी कोई ज़िम्मेदारी नहीं दी थी। पेरेंट्स का आरोप है कि अंपायर ने जानबूझकर बठिंडा के पक्ष में फैसले दिए, जिसकी वजह से फरीदकोट टीम हार गई।

टैलेंटेड खिलाड़ियों के साथ दादागिरी

टूर्नामेंट के बाद, नेशनल टीम के सिलेक्शन के दौरान एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई। टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली मनप्रीत कौर और सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली राजवीर कौर (फरीदकोट) के साथ हरमनप्रीत कौर (मुक्तसर) को सिलेक्शन लिस्ट से बाहर कर दिया गया। आरोप है कि बाद में सिलेक्टर्स ने अपनी गलती छिपाने के लिए लिस्ट बदल दी और कम स्कोर वाले रिकमेंडेड खिलाड़ियों को टीम में जगह दे दी। 

अधिकारियों की मिलीभगत का शक

शिकायत करने वालों ने बताया कि जब इस बारे में DPI से कॉन्टैक्ट किया गया तो उन्होंने मामला डिप्टी डायरेक्टर (स्पोर्ट्स) सुनील कुमार को भेज दिया, लेकिन वहां भी एक्शन लेने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की गई। यहां तक ​​कि ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले अधिकारियों को भी कथित तौर पर ‘गिफ्ट’ के तौर पर नेशनल कैंप की जिम्मेदारी दे दी गई।

इंसाफ के लिए कानूनी लड़ाई का ऐलान

कोई एक्शन न होता देख, माता-पिता ने ‘नशा मुक्त समाज आंदोलन कौशलका’ के प्रेसिडेंट और सोशल वर्कर कुलदीप सिंह अटवाल से कॉन्टैक्ट किया है। मिस्टर अटवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि खिलाड़ियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों और कोच के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि मेहनती खिलाड़ियों को इंसाफ मिल सके।

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