लुधियाना: लुधियाना में नगर निगम संघर्ष कमेटी के सदस्यों ने शनिवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर फिर से आंदोलन तेज कर दिया। प्रदर्शनकारी कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया के आवास की ओर पहुंचे और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। बाद में कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से मुलाकात कर उन्हें मांग पत्र सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से उठाए जा रहे मुद्दों का समाधान अभी तक नहीं हुआ है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
संघर्ष कमेटी से जुड़े नेताओं नरेश धीगान और विक्की सहोता ने कहा कि सरकार ने नगर निगम कर्मचारियों को पक्का करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक बड़ी संख्या में कर्मचारी नियमित नहीं हो सके हैं। उन्होंने दावा किया कि कई कर्मचारी आयु सीमा पार कर चुके हैं और वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें स्थायी नियुक्ति का लाभ नहीं मिला है। नेताओं ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के समक्ष सभी मुद्दे विस्तार से रखे हैं। उनका कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया ने सुनी कर्मचारियों की बातें
कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात के बाद कहा कि उन्होंने कर्मचारियों की मांगें सुनी हैं। उन्होंने बताया कि कुछ कारणों से पहले मुलाकात नहीं हो सकी थी, लेकिन अब कर्मचारियों की बातों को गंभीरता से लिया गया है। मंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार जनहित और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संघर्ष कमेटी द्वारा उठाए गए विषयों को मुख्यमंत्री और स्थानीय निकाय विभाग के समक्ष रखा जाएगा।
प्रदर्शन को देखते हुए लुधियाना पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंत्री आवास के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। आने-जाने वाले लोगों पर भी नजर रखी गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने की प्रमुख मांग
संघर्ष कमेटी ने नगर निगम, नगर काउंसिल और नगर पंचायतों में चल रही ठेकेदारी व्यवस्था को समाप्त करने की मांग दोहराई। कर्मचारियों का कहना है कि विभिन्न विभागों में सीधे भर्ती की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए ताकि कर्मचारियों को स्थायी रोजगार मिल सके। उनका तर्क है कि ठेकेदारी प्रणाली के कारण कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा और अन्य सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए सरकार को इस व्यवस्था की समीक्षा कर स्थायी नियुक्तियों का रास्ता अपनाना चाहिए।
कमेटी ने सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों को पक्का करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। कर्मचारियों का कहना है कि नियमितीकरण के बाद तीन वर्ष की परख अवधि को घटाकर एक वर्ष किया जाए और मेडिकल जांच संबंधी शर्तों में भी राहत दी जाए। इसके अलावा लुधियाना नगर निगम में लंबे समय से कार्यरत उन कर्मचारियों को भी नियमित करने की मांग की गई जो आयु सीमा पार कर चुके हैं और पूर्व प्रक्रिया में नियमितीकरण से वंचित रह गए थे।
संघर्ष कमेटी ने नगर निगम लुधियाना में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए लागू ठेका प्रणाली को समाप्त करने की मांग रखी। कर्मचारियों का कहना है कि इस व्यवस्था के स्थान पर स्थानीय स्तर पर स्थायी रोजगार के अवसर विकसित किए जाने चाहिए। उनका सुझाव है कि इस कार्य में पहले से जुड़े परिवारों के बेरोजगार सदस्यों को प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराया जाए। संघर्ष कमेटी ने कहा कि इन मांगों के समाधान तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
