Nangal Chaudhary : एसडीएम के अनाज मंडी निरीक्षण में बाजरा खरीद एजेंसी मिली गैर हाजिर, जिला उपायुक्त को भेजी रिपोर्ट
मंडी में बाजरे की ढेरी का निरीक्षण करते एसडीएम व सचिव।
Nangal Chaudhary :(विजय यादव) सरकार के दावों में एक अक्टूबर से बाजरे की खरीद आरंभ हो चुकी है। लेकिन धरातल पर स्थिति दावों के विपरीत बनी हुई है, जिसकी पुष्टि एसडीएम उदय सिंह के औचक मंडी निरीक्षण में हुई है।
मंडी में अभी तक खरीद एजेंसी ही नहीं पहुंची, ना ही बारदाना आया है। जिससे किसानों में खरीद को लेकर संशय बना हुआ है। एसडीएम ने जिला उपायुक्त को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया है।
आपको बता दें कि अनाज मंडी में समर्थन मुल्यों पर बाजरे की खरीद निर्धारित की गई है। हैफेड को मापदंडानुसार खरीद करने की जिम्मेवारी सौंपी है तथा मार्केट कमेटी को विभिन्न व्यवस्था करने का दायित्व दिया है।
उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार सचिव ने सफाई के ससाथ बिजली-पानी व अन्य प्रबंध कर दिया। आढतियों ने भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी करके खरीद की तैयारी कर रखी है। लेकिन मंडी में अभी तक खरीद एजेंसी पहुंची ही नहीं है। ना ही बारदाना तथा मार्केटिंग सोसायटी ने उपस्थिति दर्ज कराई है।
एक अक्टूबर को 8-10 किसान बाजरा लेकर पहुंचे थे, लेकिन फसल वैरीफाई नहीं होने से टोकन रिलीज नहीं हो पाए। सोमवार को 99 फीसदी किसानों की फसल तस्दीक हो चुकी, जिसके आधार पर किसानों को टोकन अलॉट होने लगे हैं।
देर शाम तक किसान खरीद के लिए एजेंसी का इंतजार करते रहे, किंतु चार बजे तक उपस्थिति दर्ज नहीं हुई। सूचना मिलने पर एसडीएम उदय सिंह अनाज मंडी में पहुंचे तथा किसानों की समस्याएं सुनी। उन्होंने खरीद एजेंसी को तलब किया, अनुपस्थिति की सूचना पर एसडीएम हैरान हो गए। उन्होंने तुरंत जिला उपायुक्त को एजेंसी की लापरवाही से अवगत कराया तथा मंडी व्यवस्था की रिपोर्ट भेजी।

इस दौरान किसानों ने बताया कि बाजरे की फसल तैयार होने के बाद वे मंडी में बिक्री के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परेशान किसान आढतियों से संपर्क करके खरीद संबंधी जानकारी मांगते हैं लेकिन उन्हें कोई जबाब नहीं मिल रहा।
किसानों ने बताया कि 10 अक्टूबर से सरसों की बिजाई आरंभ हो जाएगी, जिसके लिए खाद-बीज खरीदना है। लेकिन बाजरे की बिक्री अटकने से उन्हें बिजाई में पछेत होने की चिंता सताने लगी है।
आढतियों की खरीद में किसानों को होगा नुकसान
नहरी पानी संघर्ष समिति के प्रधान महावीर चंदेला, भुंगारका के दरियाव आर्य, अशोक कुमार ने बताया कि खरीद के संदर्भ में पूछने पर कुछ आढतियों ने स्वयं खरीदने का आश्वासन दिया है। लेकिन उन्होंने 2000 से 2100 के भाव होने का तर्क दिया।
ऐसे में किसानों को करीब 300 रुपए प्रति क्विंटन का नुकसान होगा। जबकी मुख्यमंत्री ने 2300 के भाव खरीदकर 600 रुपए भावांतर देने का भरोसा दिया है।
10 अक्टूबर से सरसों की बिजाई, देरी हुई तो पछेती होगी फसल
किसानों ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से 10 अक्टूबर से सरसों की बिजाई का समय बताया गया है। बाजरे की बिक्री नहीं होने के कारण उनके पास खाद-बीज खरीदने के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं हो पा रही है। यदि बाजरा खरीद में और देरी हुई तो सरसों की बिजाई प्रभावित होने तथा फसल पछेती होने की चिंता किसानों को सताने लगी है।
खरीद एजेंसी को भेज दिया नोटिस, किसानों को नहीं होने देंगे परेशान
एसडीएम उदय सिंह ने बताया कि नांगल चौधरी अनाज मंडी में पांच दिन से खरीद एजेंसी तक नहीं पहुंची, ना ही बारदाना आया है। 2-3 ढेरियांे की आवक हुई है लेकिन एजेंसी की गैर मौजूदगी में आढती खरीदने के लिए आगे आए हैं।
उन्होंने बताया कि जिला उपायुक्त की मार्फत खरीद एजेंसी को नोटिस भेज दिया। मंगलवार से सुचारू रूप से समर्थन मुल्यों पर खरीद होने लगेगी।
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