Nangal Chaudhary Update: (विजय यादव) विधायक मंजू चौधरी ने अनाज मंडी में पहुंचकर निर्धारित सुविधाओं का निरीक्षण किया। किसानों की समस्या सुनने के बाद उन्होंने खरीद एजेंसी को तलब किया तथा समर्थन मुल्यों पर खरीद करने के निर्देश दिए।
बारदाना उपलब्ध नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई, कहा कि सरकार ने केवल किसानों को गुमराह करने के लिए ही समर्थन मुल्यों में बढोतरी की है। खरीद नहीं होने के किसानों को नुकससान झेलना पड़ रहा है।
विधायक ने कहा कि बाजरे की फसल किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी है। इसी फसल की आमदनी से किसानों को रबी की बिजाई के लिए खाद, बीज और अन्य कृषि संसाधन जुटाने होते हैं। इसके अलावा बाजरे का उपयोग पशुचारे के रूप में भी किया जाता है। ऐसे में किसानों को उनकी उपज का उचित भाव नहीं मिलना चिंता का विषय है।
सरकार ने बाजरे का भाव 2900 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित कर एक-एक दाना खरीदने का दावा किया था, लेकिन जमीनी स्तर पर खरीद व्यवस्था उस दावे के अनुरूप नजर नहीं आ रही। क्योंकि सरकार के रिकार्ड में एक अक्टूबर से खरीद चल रही है, किंतु नांगल चौधरी मंडी में तो अभी तक बारदाना तक नहीं पहुंचा है।
हैफेड के कर्मचारी उपस्थित रहते हैं, लेकिन बाजरा नहीं खरीदते। जिससे सरकार की कथनी और करनी में साफ अंतर देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जब मंडी में बाजरे की आवक शुरू हो गई है तो खरीद एजेंसी को पूरी तैयारी के साथ किसानों की फसल खरीदनी चाहिए थी। इसके विपरीत, खरीद में देरी और अव्यवस्था के कारण किसानों को निजी खरीद का सहारा लेना पड़ रहा है।
इससे उनकी मेहनत की कमाई पर सीधा असर पड़ रहा है। विधायक ने जिला प्रशासन को समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। मंडी के निरीक्षण के बाद विधायक मंजू चौधरी अटल कैंटीन पहुंचीं और वहां भोजन प्रबंधन का जायजा लिया। उन्होंने कर्मचारियों को स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने तथा लोगों को निर्धारित मात्रा में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

कृषि कार्यालय में सुविधाओं की ली जानकारी
विधायक ने कृषि कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और विभागीय व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने किसानों से जुड़ी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया। अब देखना होगा कि निरीक्षण और निर्देशों के बाद मंडी में खरीद व्यवस्था कितनी सुधरती है और किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ कब तक मिल पाता है।
आढतियों की खरीद में किसानों को 2350 तक मिला भाव
मार्केट कमेटी के सचिव आदित्य यादव ने बताया कि एजेंसी की खरीद नहीं होने पर आढतियों ने निजी खरीद करना आरंभ कर दिया। शुक्रवार को 2250 से 2350 तक खरीद हुई है। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए मंडी में भोजन व पेयजल का प्रबंध किया गया है। आवक बढ़ने की स्थिति में किसानों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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