Narnaul: युवाओं को नशे जैसी गंभीर बुराई से दूर रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से कटिबद्ध है। इसी उद्देश्य के तहत आज लघु सचिवालय में उपायुक्त अनुपमा अंजली की अध्यक्षता में नशा मुक्त भारत अभियान व एनकोड को लेकर अधिकारियों की बैठक ली।
डीसी अनुपमा अंजली ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि उन्हें कहीं भी नशा बेचने वालों की कोई भी जानकारी मिलती है, तो वे इसकी सूचना तुरंत पुलिस अधीक्षक को दें। सभी अधिकारी अपने सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत करें। जिला प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि नशा को बढ़ावा देने वाले किसी भी नागरिक को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि युवाओं को जागरूक करने के लिए हर महीने जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने नशीली दवाइयों के दुरुपयोग को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से मेडिकल स्टोरों पर लगातार औचक छापेमारी करने के निर्देश दिए।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक दीपक ने भी इस विषय पर विस्तार से जानकारी दी और नशे के खिलाफ चलाई जा रही गतिविधियों की समीक्षा की।
इसके बाद उन्होंने चिन्हित अपराधों के संबंध में बैठक लेते हुए कहा कि चिन्हित अपराधों के मामले में केस की अच्छी तरह से स्टडी करके बेहतर तरीके से कोर्ट में पैरवी की जाए। ऐसे मामलों में जल्द से जल्द न्याय दिलाने के प्रयास होने चाहिए।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित शर्मा ने इस नशा मुक्त भारत अभियान के तहत अब तक की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावरिया, महेंद्रगढ़ एसडीएम योगेश सैनी, नारनौल एसडीएम गुरविंदर सिंह, जिला न्यायवादी गुलदेव के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे। इसके अलावा कनीना एसडीएम डॉ जितेंद्र सिंह व नांगल चौधरी एसडीएम उदय सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े।

