Narnaul:
महेंद्रगढ़ पुलिस ने एआई आधारित साइबर खतरों के प्रति आमजन तथा जिले के सरकारी एवं निजी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सतर्क रहने की अपील की है। कामकाज में डिजिटल सुविधाओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करते समय संस्थान के रिकॉर्ड तथा नागरिकों की निजी जानकारी की सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने हालिया एडवाइजरी में एआई एजेंटों के माध्यम से भारतीय संस्थानों के सिस्टम तक अनधिकृत पहुँच की घटनाओं के प्रति आगाह किया है। ऐसे में सभी संस्थान अपनी डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करें और सुरक्षा संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें।
एआई एजेंट ऐसे कंप्यूटर प्रोग्राम होते हैं जो दिए गए काम को पूरा करने के लिए कई कदम स्वयं उठा सकते हैं। इन्हें कार्यालय की ईमेल, फाइलों अथवा अन्य सेवाओं से जोड़ते समय केवल उतनी ही अनुमति दी जाए, जितनी संबंधित कार्य के लिए आवश्यक हो। किसी दस्तावेज का सार तैयार करने वाले साधन को सभी फाइलें बदलने, मिटाने या बाहर भेजने का अधिकार देना जोखिम बढ़ा सकता है। संवेदनशील कार्यों में जिम्मेदार कर्मचारी की निगरानी रखी जाए।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि कर्मचारी कार्यालय की गोपनीय फाइलें, नागरिकों के पहचान दस्तावेज, बैंक संबंधी विवरण और अन्य संवेदनशील जानकारी बिना अधिकृत अनुमति के सार्वजनिक एआई वेबसाइटों या ऐप पर अपलोड न करें। संस्थान स्पष्ट करें कि कार्यालय के काम में किन एआई साधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। महत्वपूर्ण निर्णय और संवेदनशील कार्रवाई से पहले अधिकृत व्यक्ति द्वारा जाँच की व्यवस्था रखी जाए।
कार्यालयों में मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड रखें तथा जहाँ उपलब्ध हो, पासवर्ड के साथ दूसरी पहचान-जाँच वाली सुविधा चालू करें। कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर के सुरक्षा अपडेट समय पर लगाए जाएँ। अनजान लिंक, ईमेल अटैचमेंट और अनधिकृत सॉफ्टवेयर से सावधान रहें। कर्मचारियों को डिजिटल सुरक्षा की बुनियादी जानकारी दी जाए और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने के लिए जिम्मेदार अधिकारी तय किया जाए।
संस्थान अपनी वेबसाइट और ऑनलाइन सेवाओं की सुरक्षा की नियमित जाँच कराएँ। जरूरी रिकॉर्ड का सुरक्षित बैकअप रखें और यह भी जाँचें कि जरूरत पड़ने पर उससे काम दोबारा शुरू किया जा सके। किसी संभावित सेंध का पता चलने पर आईटी प्रभारी या तकनीकी विशेषज्ञ को तत्काल सूचित करें। संबंधित डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखते हुए समस्या के कारण की जाँच और उसका पूरा समाधान कराया जाए।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि ऑनलाइन आर्थिक धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। साइबर अपराध की शिकायत www.cybercrime.gov.in पर दर्ज करें तथा संबंधित साइबर थाना या नजदीकी पुलिस थाने को जानकारी दें।
महेंद्रगढ़ पुलिस की अपील: तकनीक का उपयोग समझदारी से करें। कार्यालय की सुविधा के साथ नागरिकों की जानकारी की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। बिना जाँच किसी एआई साधन को गोपनीय रिकॉर्ड या पूरे सिस्टम की पहुँच न दें। सतर्क कर्मचारी और जिम्मेदार संस्थान मिलकर डिजिटल सुरक्षा मजबूत बना सकते हैं।

