Narnaul: पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने कहा कि जमीन की पैमाइश, सीमांकन, हिस्सेदारी, मालिकाना हक तथा राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े मामलों का निपटारा निर्धारित कानूनी एवं राजस्व प्रक्रिया के तहत ही कराया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि के स्वामित्व, सीमांकन अथवा अन्य राजस्व एवं दीवानी प्रकृति के मामलों में निर्णय लेने का अधिकार संबंधित राजस्व विभाग अथवा सक्षम न्यायालय का है। ऐसे मामलों में किसी भी पक्ष द्वारा दबाव बनाना, धमकी देना, बल प्रयोग करना अथवा कानून अपने हाथ में लेकर विवाद को बढ़ाने का प्रयास किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि भूमि संबंधी विवाद उत्पन्न होने पर संबंधित व्यक्ति को सर्वप्रथम राजस्व विभाग के पटवारी, कानूनगो अथवा तहसीलदार से संपर्क करना चाहिए। भूमि से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों के साथ लिखित शिकायत अथवा आवेदन प्रस्तुत कर नियमानुसार कार्रवाई कराई जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर राजस्व विभाग द्वारा रिकॉर्ड की जांच, पैमाइश एवं निशानदेही की प्रक्रिया अपनाई जाती है। जमीन के मालिकाना हक अथवा अन्य दीवानी अधिकारों से संबंधित विवाद की स्थिति में सक्षम न्यायालय के आदेश के अनुसार ही अधिकार निर्धारित होते हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस का कार्य किसी पक्ष के भूमि स्वामित्व का फैसला करना नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आपराधिक कृत्यों पर कार्रवाई करना है। यदि भूमि विवाद की आड़ में कोई व्यक्ति या समूह जबरन हस्तक्षेप करता है, किसी पक्ष को डराता-धमकाता है, रंगदारी मांगता है, हिंसा करता है, बल प्रयोग कर कब्जा करने का प्रयास करता है अथवा अन्य किसी आपराधिक गतिविधि को अंजाम देता है, तो मामले के तथ्यों और कानून के अनुसार उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि भूमि विवादों में दबंगई, धमकी और बल प्रयोग के लिए कोई स्थान नहीं है। किसी विवाद का लाभ उठाकर शांति भंग करने, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने अथवा आपराधिक तरीके से किसी पक्ष पर दबाव बनाने वालों के साथ किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा प्राप्त शिकायत की जांच कर अपराध पाए जाने पर नियमानुसार मामला दर्ज कर गिरफ्तारी सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिला पुलिस ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि आपसी विवाद को टकराव का रूप न दें और न ही किसी व्यक्ति के उकसावे में आकर कानून अपने हाथ में लें। भूमि संबंधी राजस्व या दीवानी विवादों के लिए निर्धारित कानूनी मंच का सहारा लें तथा किसी भी प्रकार की धमकी, जबरदस्ती, मारपीट, रंगदारी अथवा आपराधिक दबाव की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचित करें।
महेंद्रगढ़ पुलिस ने आमजन को भरोसा दिलाया है कि कानूनसम्मत तरीके से अपनी शिकायत रखने वाले प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा एवं सहायता के लिए पुलिस तत्पर है। यदि कोई आपराधिक तत्व भूमि विवाद में बाधा डाल रहा है, धमकी दे रहा है अथवा शांति भंग करने का प्रयास कर रहा है तो इसकी सूचना संबंधित थाना प्रभारी अथवा आपातकालीन सहायता नंबर 112 पर तुरंत दें। सूचना मिलने पर पुलिस द्वारा नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

