Narnaul:
साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत आज मेडिकल कॉलेज कोरियावास, नारनौल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य साइबर ठगी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग का संदेश देना रहा।
साइबर थाना टीम ने बताया कि साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी है कि किसी भी अनजान कॉल, संदेश या ऑनलाइन प्रस्ताव पर तुरंत भरोसा न करें। ठग कभी अधिकारी बनकर डराते हैं तो कभी नौकरी, आकर्षक ऑफर या अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। ऐसे में “रुकें, सोचें और फिर कदम उठाएं” का संदेश अपनाकर कई प्रकार की ऑनलाइन ठगी से बचा जा सकता है।
महेंद्रगढ़ पुलिस की सलाह है कि किसी के साथ अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या बैंक खाते की गोपनीय जानकारी साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध संदेशों के माध्यम से भेजी गई ऐप या एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचें। किसी परिचित की आवाज में फोन कर आपात स्थिति बताकर पैसे मांगे जाएं तो उसके परिचित नंबर पर स्वयं कॉल करके पुष्टि करें।
पुलिस या किसी जांच एजेंसी का नाम लेकर वीडियो कॉल पर डराने और पैसे मांगने वाले व्यक्ति के दबाव में न आएं। सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी सीमित रखें, मजबूत पासवर्ड अपनाएं और दो-स्तरीय सुरक्षा चालू रखें। जागरूक नागरिक स्वयं सुरक्षित रहने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
महेंद्रगढ़ पुलिस आमजन से अपील करती है कि ऑनलाइन आर्थिक ठगी होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें तथा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। संबंधित संदेश, मोबाइल नंबर और लेनदेन का विवरण सुरक्षित रखें, ताकि शिकायत पर कार्रवाई में सहायता मिल सके।

