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अपनी एक टिप्पणी के बाद कांग्रेस से निलंबित की गईं नवजोत कौर ने मुख्यमंत्री मान से की सुरक्षा मुहैया कराने की मांग

VVinita Kohli
अपनी एक टिप्पणी के बाद कांग्रेस से निलंबित की गईं नवजोत कौर ने मुख्यमंत्री मान से की सुरक्षा मुहैया कराने की मांग
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चंडीगढ़: ‘‘मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये’’ वाली टिप्पणी के बाद कांग्रेस से निलंबित की गईं नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। नवजोत कौर की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के समक्ष उठाए गए मुद्दों पर मुख्यमंत्री की ‘‘चुप्पी’’ को लेकर भी सवाल उठाया और मान पर ‘‘शराब एवं खनन माफिया को बढ़ावा देने’’ का आरोप लगाया। नवजोत कौर कांग्रेस की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व भारतीय क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी हैं। ‘‘मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये’’ वाली टिप्पणी के बाद पंजाब कांग्रेस ने कौर को निलंबित कर दिया था।

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शुक्रवार रात को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘‘मुख्यमंत्री भगवंत मान जी मुझे लगता है कि अब मुझे कुछ सुरक्षा की जरूरत है, वरना आप जिम्मेदार होंगे। कृपया बताएं कि पंजाब के माननीय राज्यपाल के समक्ष उठाए गए मेरे मुद्दों पर आपकी ओर से कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई? आप शराब और खनन माफिया को क्यों बढ़ावा दे रहे हैं?’’ इसके साथ ही उन्होंने उस ज्ञापन की एक प्रति भी साझा की जिसमें उन्होंने पंजाब के राज्यपाल के साथ अपनी हालिया बैठक में उठाए गए मुद्दों का जिक्र किया था। इसमें कौर ने भगवंत मान सरकार पर ‘‘भूमि घोटाले’’ का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि कुछ ‘‘बड़े नामी लोगों’’ ने ‘‘शिवालिक पहाड़ियों के आसपास संरक्षित वन भूमि’’ में जमीन हड़प ली है और मुख्यमंत्री इसे नियमित करने की कोशिश कर रहे हैं।

राज्यपाल के साथ एक बैठक में कौर ने यह आरोप भी लगाया था कि राज्य में कानून व्यवस्था ‘‘बिगड़ रही है’’। उन्होंने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर भी जमकर निशाना साधा था, जिन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू दोनों ‘‘अस्थिर’’ हैं। अमरिंदर सिंह ने नवजोत कौर पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा था कि कांग्रेस को उन्हें पार्टी से निकाल देना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि सिद्धू को क्रिकेट कमेंट्री पर ध्यान देना चाहिए जिसमें वह माहिर हैं और यह भी कहा था कि ‘‘राजनीति उनके स्वभाव में नहीं है।’’ कौर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कैप्टन अमरिंदर सिंह आपको इतने सारे सवालों के जवाब देने हैं जो मेरे 100 ट्वीट में समाहित नहीं हो पाएंगे। चलिए, उन फाइलों से शुरुआत करते हैं जिन्हें आप नवजोत सिद्धू से बंद करवाना चाहते थे, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था; सिटी सेंटर केस फाइल, प्रतिबंधित शिवालिक पर्वतमाला के आसपास भू-माफियाओं की जमीनों का पंजीकरण।’’

उन्होंने सवाल किया, ‘‘कैप्टन अमरिंदर सिंह, मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि आपने नवजोत सिद्धू की उन फाइलों को क्यों नहीं मंजूरी दी जो पंजाब के विकास के लिए इतनी महत्वपूर्ण थीं? खनन नीति, शराब नीति, यात्रा और चिकित्सा पर्यटन, अमृतसर गोंडोला परियोजना, कचरा निपटान परियोजना, राष्ट्रीय स्थलों पर निविदाएं लगाकर स्थानीय निकायों में होने वाली हेराफेरी रोकना, फिल्म सिटी परियोजनाएं, जल क्रीड़ा परियोजनाएं, रणजीत एवेन्यू में खेल पार्क, पंजाब के लिए पाक कला विश्वविद्यालय।’’ सिंह ने कांग्रेस की राज्य इकाई में हुए विवाद के बाद सितंबर 2021 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बनने के बाद सिंह ने पार्टी छोड़ दी थी और एक नयी पार्टी बनाई जिसका 2022 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय हो गया।

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