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Nepal Flood Alert: नेपाल में मंडरा रहा फिर बाढ़ का खतरा, 7 जिलों को अलर्ट, हजारों लोग अब भी लापता

Nepal Flood Alert: नेपाल में मंडरा रहा फिर बाढ़ का खतरा, 7 जिलों को अलर्ट, हजारों लोग अब भी लापता

नेपाल में मंडरा रहा फिर बाढ़ का खतरा

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Nepal Flood Alert: नेपाल में 26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर टूटने के बाद आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन का संकट अभी खत्म नहीं हुआ है। नदियों का जलस्तर फिर बढ़ने के बाद रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहूं, नवलपरासी और चितवन जिलों में नदी किनारे बसे इलाकों के लिए नया बाढ़ अलर्ट जारी किया गया है। इस आपदा में नेपाल और तिब्बत में अब तक 1,019 लोगों की मौत बताई गई है, जबकि 4,400 से ज्यादा लोग लापता हैं। अधिकारियों के मुताबिक नेपाल में 1,003 और तिब्बत में 16 लोगों की जान गई है। नेपाल के चितवन जिले में अब तक सबसे ज्यादा 321 शव बरामद किए गए हैं। कई प्रभावित इलाकों में सड़क और पुल टूटने के कारण राहत एवं बचाव अभियान अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

 

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7 जिलों में नदी किनारे रहने वालों को अलर्

नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने सात जिलों के नदी किनारे बसे इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। इनमें रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहूं, नवलपरासी और चितवन शामिल हैं। 26 अगस्त की ग्लेशियर टूटने की घटना के बाद इन क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। अब दोबारा जलस्तर बढ़ने से प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है।

 

चितवन में सबसे ज्यादा 321 शव बरामद

आपदा से नेपाल के कई जिले प्रभावित हुए हैं। अब तक नेपाल में 1,003 मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें अकेले चितवन में 321 शव बरामद होने की बात सामने आई है। इसके अलावा 4,400 से ज्यादा लोग लापता हैं। लापता लोगों की संख्या अधिक होने के कारण मृतकों का आंकड़ा आगे बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

 

नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर पायलट ने संभाला मोर्चा

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान के दौरान नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर पायलट प्रिया अधिकारी भी लगातार अभियान चला रही हैं। उन्होंने छह दिनों में करीब 100 रेस्क्यू मिशन पूरे किए और रसुवा समेत सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद की।
प्रिया अधिकारी के मुताबिक कई बार एक साथ 5-6 हेलिकॉप्टर उतरते हैं। कीचड़ के कारण प्रभावित क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर उतारना और राहत अभियान चलाना बेहद मुश्किल हो जाता है। प्रिया पहले केबिन क्रू के तौर पर काम करती थीं। बाद में उन्होंने हेलिकॉप्टर उड़ाने की ट्रेनिंग ली और अब हिमालयी क्षेत्रों में हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू मिशनों की विशेषज्ञ मानी जाती हैं।

 

कई बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब भी संपर्क नहीं

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक विनाशकारी बाढ़ के एक सप्ताह बाद भी नेपाल के सबसे ज्यादा प्रभावित कुछ इलाकों से संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है। सड़कें और पुल टूटने के कारण राहत और बचाव टीमों के लिए इन क्षेत्रों तक पहुंचना मुश्किल बना हुआ है। इसका असर स्थानीय लोगों तक भोजन, पानी, दवाइयों और दूसरी जरूरी मदद पहुंचाने पर पड़ रहा है। जिन इलाकों का संपर्क अभी बहाल नहीं हुआ है, वहां राहत कार्यों के लिए हेलिकॉप्टर और अन्य वैकल्पिक माध्यमों पर निर्भरता बढ़ गई है।

 

22 हजार बच्चों पर संकट, 2,600 को कुपोषण के इलाज की जरूरत

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक बाढ़ से प्रभावित करीब 22 हजार बच्चों में से 2,600 बच्चों को गंभीर कुपोषण के इलाज की जरूरत है। हजारों गर्भवती महिलाओं को भी पोषण सहायता की आवश्यकता बताई गई है। बाढ़ के बाद दूषित पानी और खराब स्वच्छता व्यवस्था के कारण हैजा, मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। शुरुआती रिपोर्ट में 100 से ज्यादा बच्चों के अपने माता-पिता या देखभाल करने वालों से बिछड़ने की जानकारी सामने आई है।

 

कम से कम 19 स्कूल क्षतिग्रस्त

बाढ़ और भूस्खलन ने शिक्षा व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार कम से कम 19 स्कूल बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए हैं। ऐसे में प्रभावित बच्चों के सामने पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य और सुरक्षित आवास की चुनौती भी खड़ी हो गई है। वहीं, नए बाढ़ अलर्ट के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और दूरदराज के इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाना है।

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