Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

New Income Tax Act : 1 अप्रैल से लागू होगा आयकर कानून 2026: सैलरी स्लिप से लेकर डिजिटल कंपनियों तक, सब कुछ बदला

AAmandeep Singh
1 अप्रैल से लागू होगा आयकर कानून 2026: सैलरी स्लिप से लेकर डिजिटल कंपनियों तक, सब कुछ बदला
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

दिल्ली। अगले महीने की पहली तारीख से जब आप अपने ऑफिस जाएंगे, तो आपकी सैलरी स्लिप का गणित बदला हुआ नजर आ सकता है। सरकार ने आयकर अधिनियम 2026 के जरिए कर प्रणाली को सरल बनाने का दावा तो किया है, लेकिन बारीकियों में छिपे बदलाव मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं हैं। वित्त मंत्रालय का स्पष्ट संदेश है कि अब ‘छिपे हुए लाभ’ (Perks) पर टैक्स की रियायतें सीमित होंगी। नई व्यवस्था में पारदर्शिता और डिजिटल निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

मुफ्त खाना और महंगे तोहफे: अब हर सुविधा का हिसाब होगा

विज्ञापन

अब तक कंपनियां अपने कर्मचारियों को लुभाने के लिए जो महंगे गिफ्ट या मुफ्त भोजन की सुविधाएं देती थीं, उन पर सरकार की पैनी नजर है। नए कानून के तहत, ऑफिस में मिलने वाले मुफ्त खाने पर केवल 200 रुपये तक की ही छूट मिलेगी। सबसे बड़ा बदलाव ‘गिफ्ट’ को लेकर है—यदि साल भर में आपको कंपनी से 15 हजार रुपये से अधिक मूल्य का कोई उपहार मिलता है, तो वह आपकी आय में जोड़ दिया जाएगा और उस पर स्लैब के हिसाब से टैक्स कटेगा। इसके अलावा, कंपनी द्वारा दिए गए मकान (Rent-Free Accommodation) की वैल्यू अब उस शहर की आबादी के आधार पर तय होगी, जिससे बड़े शहरों में रहने वाले कर्मचारियों की टैक्स देनदारी बढ़ सकती है।

डिजिटल दिग्गजों पर ‘टेक-टैक्स’: गूगल-ऐप्पल के लिए नई घेराबंदी

भारत के विशाल डिजिटल बाजार से मुनाफा कमाने वाली विदेशी कंपनियों के लिए अब राह आसान नहीं होगी। नए अधिनियम में प्रावधान है कि यदि किसी विदेशी डिजिटल कंपनी के भारत में 3 लाख से अधिक यूजर्स हैं या उसकी भारतीय आय 2 करोड़ रुपये को पार करती है, तो उसे भारत में टैक्स देना ही होगा। यह कदम वैश्विक ‘डिजिटल सर्विस टैक्स’ की दिशा में भारत का एक बड़ा हस्ताक्षर है, जिससे सरकारी खजाने में भारी राजस्व आने की उम्मीद है।

ESOP और बॉन्ड निवेश: निवेशकों के लिए क्या बदला?

शेयर बाजार और कॉरपोरेट जगत के लिए भी नियम अब पहले से अधिक पारदर्शी होंगे। कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को दिए जाने वाले ESOP (शेयर विकल्प) की वैल्यू अब लिस्टेड कंपनियों के मामले में ‘मार्केट प्राइस’ पर तय होगी। वहीं, शेयर बाजार के लेन-देन का रिकॉर्ड अब 7 साल तक संभाल कर रखना होगा, ताकि आयकर विभाग पुरानी कड़ियों को जोड़कर टैक्स चोरी पकड़ सके। सुरक्षित निवेश के शौकीनों के लिए लॉन्ग टर्म बॉन्ड्स के नियम कड़े किए गए हैं, जहां अब 10 से 20 साल की लंबी अवधि और उच्च क्रेडिट रेटिंग को अनिवार्य बनाया गया है।

डिजिटल और पारदर्शी भविष्य की ओर कदम

कुल मिलाकर, आयकर कानून 2026 भारत को एक ऐसी व्यवस्था की ओर ले जा रहा है जहां कागजी खानापूर्ति कम और डिजिटल ऑडिटिंग ज्यादा होगी। हालांकि, ब्याज मुक्त लोन पर SBI की दरों के हिसाब से टैक्स लगने जैसे नियम कर्मचारियों की जेब थोड़ी ढीली जरूर करेंगे, लेकिन सरकार का तर्क है कि इससे कर प्रणाली में समानता और स्पष्टता आएगी। 1 अप्रैल से शुरू होने वाला यह नया दौर भारतीय करदाताओं के लिए अनुशासन और सतर्कता का नया अध्याय लेकर आ रहा है।

विज्ञापन

दिल्ली की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।